खास बातें
- बजट से पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने रिजर्व बैंक के गवर्नर सुब्बाराव और सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न नियामकों से मुलाकात की।
नई दिल्ली: बजट से पहले वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव और सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा समेत वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न नियामकों से मुलाकात की। बैठक में अर्थव्यवस्था में गतिविधियां बढ़ाने और निवेश माहौल सुधारने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के संबंध में नियामकों के सुझाव काफी महत्वपूर्ण होंगे।
सुब्बाराव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बजट पूर्व बैठक है। वित्तमंत्री ने सभी नियामकों के विचार सुने। निश्चित तौर पर आरबीआई पर वृहत-आर्थिक प्रबंधन और बैंकिंग नियमन दोनों की जिम्मेदारी है। आज की बैठक का नतीजा बजट में दिखेगा।’’ मुखर्जी 16 मार्च को लोकसभा में 2012-13 का बजट पेश करेंगे। बैठक में पीएफआरडीए के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल के अलावा वित्त मंत्रालय के सभी सचिव भी उपस्थित थे। अग्रवाल ने कहा, ‘‘इस बैठक में नियामकों ने बजट में निवेश व वृद्धि के अनुकूल और मुद्रास्फीति रोकने संबंधी उपायों का सुझाव दिए।’’
सूत्रों ने बताया कि बैठक में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई और मुखर्जी ने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिये निवेश बढ़ाने के बारे में नियामकों के सुझाव सुने। वित्तमंत्री की अध्यक्षता वाली एफएसडीसी नियामकों के बीच संयोजन का काम करती है और वित्तीय क्षेत्र के घटनाक्रमों, वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेश पर विचार करती है।
समझा जाता है कि वित्तमंत्री निवेश का माहौल सुधारने और आर्थिक नरमी को रोकने के लिए बजट में कई पहलों की घोषणा करेंगे। चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.9 फीसदी रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 8.4 फीसदी रही थी।