खास बातें
- 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला में पी. चिदम्बरम की भूमिका पर सवाल उठाने वाले नोट को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सिर्फ देखा था। उसे मंजूरी नहीं दी थी। यह बात एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को कही।
नई दिल्ली: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला में पी. चिदम्बरम की भूमिका पर सवाल उठाने वाले नोट को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सिर्फ देखा था। उसे मंजूरी नहीं दी थी। यह बात एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को कही।
आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव आर. गोपालन ने दूरसंचार क्षेत्र में कीमत निर्धारण नीति की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति से कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा बनाए गए विवादित नोट को मुखर्जी ने तैयार नहीं किया था।
गोपालन ने कथित तौर पर समिति से कहा, "किसी दस्तावेज या नोट को देखने का मतलब उसे मंजूर करना नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि विवादित नोट में कहा गया है कि पी. चिदम्बरम 2008 में केंद्रीय वित्त मंत्री थे और वह स्पेक्ट्रम आवंटन में पहले आओ, पहले पाओ नीति को रोक सकते थे तथा स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए बाध्य कर सकते थे।
नोट के साथ लगे पत्र में लिखा है कि मुखर्जी ने इस नोट को देखा है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी के नाते वह खुद इस नोट के लिए जिम्मेदार थे।
समिति में कांग्रेस के सदस्य गोपालन से फिर पूछताछ करना चाहते हैं और गोपालन इस महीने के आखिर में फिर से समिति के सामने उपस्थित होंगे।