सिंह ने ढांचागत क्षेत्र की जिन पीपीपी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा है उनमें रेल, बंदरगाह तथा बिजली परियोजनाएं शामिल हैं। ऐसी कुछ प्रस्तावों में मुंबई उपरिगामी रेल मार्ग परियोजना (30,000 करोड़ रुपये), भुवनवेश्वर तथा इंफाल में दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के निर्माण का प्रस्ताव (20,000 करोड़ रु) तथा बिजली उत्पादन एवं पारेषण क्षेत्र की 40,000 करोड़ रुपये के कुछ प्रस्ताव शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने 2013-14 के लिए ढांचागत परियोजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए आज यहां बैठक की जिसमें इस आशय का फैसला किया गया। बठक में वित्तमंत्री पी चिदंबरम, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया, बिजली, कोयला, रेल, सड़क, जहाजरानी तथा नागर विमानन मंत्री शामिल हुए।
बैठक में फैसला किया गया कि रेल भाड़ा प्राधिकरण गठित करने के प्रस्ताव पर तेजी से काम किया जाएगा और इसे शीघ्र ही कैबिनेट में लाया जाएगा।
प्रधानमंत्री सिंह ने निवेशकों का विश्वसास बढ़ाने के लिए ढांचागत क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।
निवेशकों का विश्वास बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है, इस उद्देश्य के लिए अगले छह महीने में कम से कम एक लाख करोड़ रुपये की पीपीपी परियोजनाएं शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। परियोजनाओं के प्राथमिकता के आधार पर आवंटन तथा कार्यान्वयन पर निगरानी के लिए एक संचालन समिति गठित की जा रही है।
बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि ढांचागत क्षेत्र में सुधार के लिए काफी काम किया जाना है और काम की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए।
आहलूवालिया ने छह ढांचागत मंत्रालयों के प्रदर्शन तथा 2013-14 के लक्ष्यों पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया।
प्रस्तावित संचालन समिति मुंबई उपरिगामी रेल गलियारा परियोजना तथा हवाई अड्डा परियोजनाओं के साथ-साथ दो लोकोमोटिव परियोजनाओं (5000 करोड़ रुपये) विशेष पूर्वी मालगाड़ी मार्ग परियोजना (ई-डीएफसी) 10,000 करोड़ रु तथा (10,000 करोड़ रु) की बंदरगाह परियोजनाओं की भी निगरानी करेगी।
विमानन क्षेत्र में हवाई अड्डा प्राधिकरण दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ साथ 50 नये कम लागत वाले छोटे हवाई अड्डों के प्रस्तावों पर भी विचार करेगा। नवी मुंबई, जुहू, गोवा, कन्नूर, पुणे (राजगुरनगर चाकन), श्रीपेरूंबदूर, बेल्लारी तथा रायगढ़ में आठ नए हवाई अड्डों का काम इसी साल आवंटित करने का लक्ष्य भी है।
आंध्रप्रदेश, झारखंड, बिहार, पंजाब, उत्तरप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, असम, मध्यप्रदेश, राजस्थान व महाराष्ट्र में 51 स्थानों पर नये कम लागत वाले हवाई अड्डे स्थापित किए जायेंगे।
पश्चिम बंगाल में सागर और आंध्र प्रदेश में दुर्गाराजपट्टनम में पीपीपी माडल पर मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत नए बंदरगाहों के ठेके भी आवंटित किए जाएंगे।