खास बातें
- सार्वजनिक क्षेत्र की IOC, HP और BP फिलहाल पेट्रोल आयात मूल्य की तुलना में करीब 4.50 रुपये सस्ता बेच रही है।
New Delhi: कच्चे तेल की कीमत 110 रुपये प्रति बैरल पहुंच जाने के बावजूद सरकार ने सोमवार को संकेत दिया कि पेट्रोल और डीजल के दामों में जल्दी वृद्धि की संभावना नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कारपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम पेट्रोल फिलहाल आयात मूल्य की तुलना में करीब 4.50 रुपये सस्ता बेच रही है। सरकार ने पिछले साल जून में पेट्रोल को नियंत्रण मुक्त कर दिया। डीजल पर सरकार का नियंत्रण अभी बना हुआ है। कंपनियां इसे 15.79 रुपये प्रति लीटर के नुकसान पर बेच रही हैं। इससे रोजाना करीब 283 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा, वैश्विक बाजार में आज काफी उतार-चढ़ाव है और मुझे लगता है कि तेल कंपनियों की इस पर नजर होगी। वे सही समय पर फैसला करेंगी। उनसे यह पूछा गया था कि पेट्रोल की कीमत नियंत्रण मुक्त है, ऐसे में कंपनियों अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से दाम क्यों नहीं बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा, ...तेल कंपनियां वैश्विक बाजार को देख रही होंगी और वे कीमत बढ़ाने के बारे में उचित निर्णय करेंगी। डीजल के बारे में उन्होंने कहा, दरों में वृद्धि के लिये वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बैठक बुलाना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, हर कोई चुनाव को लेकर व्यस्त है। कुछ समय इंतजार कीजिए। कच्चे तेल की कीमत फिलहाल लगभग 110.61 डालर प्रति बैरल है जबकि पिछले साल जून में यह 72-73 डालर प्रति बैरल थी। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ंगे।