नई दिल्ली: देश में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या मामूली रूप से बढ़कर अप्रैल में 99.97 करोड़ पर पहुंच गई। मोबाइल हैंडसेट के बढ़ते उपयोग से यह संख्या बढ़ी है। दूरसंचार नियामक एवं विकास प्राधिकरण (ट्राई) के अनुसार टेलीफोन ग्राहकों का आधार मार्च के अंत में 99.65 करोड़ था।
ट्राई ने एक बयान में कहा, 'शहरी क्षेत्र में ग्राहकों की संख्या अप्रैल में बढ़कर 58.01 करोड़ हो गई जो मार्च, 2015 में 57.72 करोड़ थी। वहीं गांवों में ग्राहकों की संख्या 41.93 करोड़ से बढ़कर 41.96 करोड़ हो गई।'
अप्रैल में मोबाइल हैंडसेट ग्राहकों का आधार बढ़कर 97.33 करोड़ हो गया, जो मार्च में 96.99 करोड़ था। वहीं लैंडलाइन ग्राहकों की संख्या में लगातार गिरावट जारी है और अप्रैल में यह घटकर 2.64 करोड़ पर आ गई, जो इससे पहले वाले महीने में 2.66 करोड़ थी।
मोबाइल कनेक्शन (वायरलेस) घनत्व 77.27 प्रतिशत से बढ़कर 77.46 प्रतिशत पर आ गया, जबकि लैंडलाइन (वायर लाइन) टेलीफोन घनत्व घटकर अप्रैल में 2.10 प्रतिशत पर आ गया, जो इससे पूर्व माह में 2.12 प्रतिशत था।
ट्राई के अनुसार 30 अप्रैल, 2015 में मोबाइल हैंडसेट खंड में निजी कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 91.65 प्रतिशत रही, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल की हिस्सेदारी केवल 8.35 प्रतिशत रही।
आलोच्य महीने में मोबाइल खंड में सर्वाधिक वृद्धि हिमाचल प्रदेश में हुई, जबकि कर्नाटक सेवा क्षेत्र में ग्राहकों के आधार में अधिकतम गिरावट दर्ज की गई।
लैंडलाइन खंड में बीएसएनएल तथा एमटीएनएल की बाजार हिस्सेदारी 74.81 प्रतिशत थी।
ट्राई के अनुसार 31.7 लाख ग्राहकों ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए आवेदन दिया। सेवा प्रदाताओं से मिली रिपोर्ट के अनुसार, ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या अप्रैल में बढ़कर 10.08 करोड़ पहुंच गई, जो इससे पूर्व महीने में 9.92 करोड़ थी।
मोबाइल खंड में भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या 22.92 करोड़ रही। वहीं वोडाफोन के ग्राहकों की संख्या 18.46 करोड़, आइडिया के 15.92 करोड़, रिलायंस कम्युनिकेशंस के 10.98 करोड़, एयरसेल के 8.20 करोड़, टाटा टेलीसर्विसेज के 6.26 करोड़, यूनिनार के 4.68 करोड़, सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज के 88.3 लाख तथा वीडियोकॉन टेलीकॉम के ग्राहकों की संख्या 73 लाख रही।
ट्राई के अनुसार, अप्रैल तक बीएसएनएल और एमटीएनएल के ग्राहकों की संख्या क्रमश: 7.78 करोड़ तथा 34.8 लाख रही।