खास बातें
- शेयर बाजारों ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लि. (एनएसईएल) में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान संकट खड़ा करने वाले सभी डिफाल्टर को शेयर बाजार में कारोबार से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।
मुंबई: शेयर बाजारों ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लि. (एनएसईएल) में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान संकट खड़ा करने वाले सभी डिफाल्टर को शेयर बाजार में कारोबार से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा इस बारे में दिए गए निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है।
शेयर बाजारों के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक नौ डिफाल्टर पर कार्रवाई की गई है। यदि एनएसईएल के निवेशकों पर बकाया भुगतान करने में अन्य इकाइयां विफल रहती हैं, तो उन्हें भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना होगा। इस बारे में फैसला विभिन्न शेयर बाजारों ने सेबी के साथ विचार-विमर्श के साथ किया है।
बाजार नियामक पहले ही एनएसईएल संकट के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। इसमें कुछ ब्रोकरों की भूमिका की जांच की जा रही है। कथित तौर पर इन ब्रोकर पर पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं तथा धोखाधड़ी तथा अनुचित व्यापार व्यवहार रोधक नियमों के उल्लंघन के लिए यह जांच हो रही है।
यह भी संदेह है कि कुछ ब्रोकर ने अपने सौदे निपटाने के लिए अपने ग्राहकों के कोष का इस्तेमाल किया। इन लोगों की इस दृष्टिकोण से भी जांच हो रही है कि इन्होंने समूह की दो सूचीबद्ध इकाइयों फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज तथा मल्टी कमोडिटी एक्सचेज के शेयरों में भेदिया सूचना के जरिये कारोबार की भी जांच की जा रही है।