वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि खासतौर पर अप्रत्यक्ष कर संग्रह में हुई वृद्धि को देखते हुए राजस्व प्राप्ति अच्छी रही है, इसलिए इस साल बजट में तय सार्वजनिक खर्च में कोई कटौती नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘इस साल अब तक अक्टूबर माह में अप्रत्यक्ष कर वसूली में काफी सुधार हुआ है।
इसलिए सार्वजनिक निवेश बढ़ाने की हमारी क्षमता में काफी सुधार हुआ है। हमारा खर्च योजनाबद्ध तरीके से बढ़ रहा है और मुझे नहीं लगता कि इस साल प्रस्तावित खर्चों में कोई कटौती की जाएगी।’
चालू वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीने के दौरान अप्रत्यक्ष कर संग्रह में पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है और यह 3.83 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी की बदौलत अप्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ा है।
अप्रत्यक्ष कर के इस स्तर पर पहुंच जाने के बाद पूरे साल के लिए तय अप्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य का 59.2 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है। वर्ष 2015-16 के बजट अनुमान के मुताबिक सरकार ने अप्रत्यक्ष करों से कुल 6.46 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। अप्रत्यक्ष करों में केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क और सेवाकर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उत्पाद शुल्क वसूली में वृद्धि से यह पता चलता है कि विनिर्माण क्षेत्र में गति बढ़ रही है और जहां तक निजी क्षेत्र के निवेश की बात है इसमें कुछ शुरुआत होने की उम्मीद है।
देश में सार्वजनिक निवेश और कुछ निजी क्षेत्र के निवेश के साथ साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आने से ही आर्थिक वृद्धि को गति मिलती है, इस बात पर गौर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी नई पहलों के लिए सरकार को व्यापक संसाधनों की जरूरत होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता देश में कारोबार करना सुगम बनाने की है।