यह ख़बर 15 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

मौद्रिक नीति और कंपनियों के परिणाम तय करेंगे शेयर बाजार की चाल

खास बातें

  • बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रिजर्व बैंक की वार्षिक मौद्रिक नीति और सोमवार को जारी होने वाले मुद्रास्फीति के मासिक आंकड़े सप्ताह के दौरान शेयर बाजार की चाल तय करेंगे।
नई दिल्ली:

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रिजर्व बैंक की वार्षिक मौद्रिक नीति और सोमवार को जारी होने वाले मुद्रास्फीति के मासिक आंकड़े सप्ताह के दौरान शेयर बाजार की चाल तय करेंगे। इसके अलावा कंपनियों के चौथी तिमाही के परिणाम भी बाजार पर अपना प्रभाव बनाये रखेंगे। समीक्षकों ने कहा कि मंगलवार को जारी होने वाली रिजर्व बैंक की वार्षिक मौद्रिक नीति पर कारोबारियों की निगाह रहेगी। सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के मासिक आंकड़े जारी हो सकते हैं।

बाजार सूत्रों के अनुसार कंपनियों को नीतिगत ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद है। मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिये रिजर्व बैंक मार्च 2010 के बाद से लगातार 13 बार ब्याज दरों में वृद्धि कर चुका है। अब उद्योग जगत को रिजर्व बैंक के इस रुख में बदलाव की उम्मीद बंधी है। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2012.13 की मौद्रिक नीति की शुरुआत केन्द्रीय बैंक ब्याज दरों में नरमी के साथ करेगा।

फेयरवेल्थ सिक्योरिटीज की इक्विटी प्रमुख शर्मिला जोशी ने कहा, बाजार अब मंगलवार को रिजर्व बैंक के ओर निगाह रखेगा तथा अगले सप्ताह कारोबार सतर्कता का रुख लिए खुलेगा। सोमवार को मुद्रास्फीति के आंकड़े आने हैं और इसके अलावा कंपनियों के कार्यपरिणाम भी सामने आयेंगे जिसको देखते हुए अगले सप्ताह के आरंभ में कारोबार में सतर्कता का रुख रह सकता है। बाजार सूत्रों ने कहा कि कई प्रमुख घटनाक्रम सप्ताह के दौरान होने हैं जिसके कारण बाजार में उतार चढ़ाव का रुख रह सकता है।

इस सप्ताह एचसीएल टेक्नोलॉजीज और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी ब्लूचिप कंपनियां अपने तिमाही परिणामों की घोषणा करेंगी।
एक विशेषज्ञ ने कहा, इन कार्यपरिणामों पर निवेशकों की विशेष निगाह होगी जिसका बाजार पर प्रभाव होगा। बोनान्जा पोर्टफोलियो के शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, इंफोसिस के परिणाम के बाद केवल आईटी कंपनियों के लिए कारोबारी धारणा को खराब किया है बल्कि इससे आम बाजार भी प्रभावित हुआ है। मार्च के लिए थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति आंकड़ा और रिजर्व बैंक की नीतिगत बैठक बाजार पर अल्प समय के लिए असर डाल सकते हैं। बाजार सूत्रों का मानना है कि रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति में मौद्रिक ढिलाई के रुख को अपनाये जाने की काफी संभावना है।

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सुस्त वैश्विक बाजार, औद्योगिक वृद्धि दर में गिरावट, इंडोनेशिया में भूकंप के कारण एशियाई क्षेत्र में सुनामी की आशंका तथा प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस के निराशाजनक कार्यपरिणाम के बाद तिमाही कार्यपरिणामों के सत्र की हतोत्साहजनक शुरुआत हो रही है। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक 13 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 2.23 प्रतिशत तथा निफ्टी 2.17 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता हुआ बंद हुआ। फरवरी के महीने में औद्योगिक उत्पादन आंकड़ा उम्मीद से कहीं धीमा यानी 4.1 प्रतिशत रहा जो पिछले वर्ष इसी माह में 6.7 प्रतिशत था।