खास बातें
- फिक्की-केपीएमजी द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग 2010 में यह 652 अरब रुपयों का उद्योग बन गया।
New Delhi: भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग वर्ष 2010 में साल 2009 की तुलना में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। फिक्की-केपीएमजी द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक 2010 में यह 652 अरब रुपयों का उद्योग बन गया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के बुधवार से शुरू होने जा रहे मनोरंजन एवं व्यापार सम्मेलन 'फिक्की फ्रेम्स 2011' में यह रिपोर्ट औपचारिक तौर पर जारी की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक 2010 के चुनौतीपूर्ण साल में फिल्मोद्योग ने उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की। वैसे मल्टीप्लेक्सों की संख्या में वृद्धि के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में निवेश बढ़ा। अनुमान के मुताबिक साल 2015 तक 83 अरब रुपये का मनोरंजन उद्योग 132 अरब रुपये का हो जाएगा। वैसे 2010 में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में फिल्मों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कुल मिलाकर अच्छी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार विकास या वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले विज्ञापन खर्च में अच्छा प्रतिलाभ (वसूली) हुआ। इसमें 17 प्रतिशत से 266 अरब रुपये मतलब 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। केपीएमजी में मीडिया एवं मनोरंजन प्रमुख राजेश जैन ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, "मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में 2010 में हुई वृद्धि का मुख्य कारण विज्ञापन क्षेत्र में फिर विकास होना, ग्राहकी शुल्क राजस्व का बढ़ना, डिजीटलीकरण के लिए आकर्षण बढ़ना एवं सामग्री के मुद्रीकरण के लिए अवसरों का बढ़ना है।" इस विकास को देखते हुए अनुमान है कि 2011 में इस उद्योग में 13 प्रतिशत की दर से वृद्धि होगी। साल 2015 तक इसे 1,275 अरब रुपये का उद्योग बनने के लिए 14 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर हासिल करनी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक देश में प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में साल 2010 में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अगले पांच साल तक इस वृद्धि के ऐसे ही जारी रहने का अनुमान है।