खास बातें
- सरकार ने घोषणा की है कि बाहर निकाले गए कर्मचारी वापस लिए जाएंगे। हालांकि हरियाणा सरकार की मध्यस्थता में एक समझौता हुआ।
गुड़गांव: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी इंडिया के मानेसर संयंत्र में 13 दिनों से चली आ रही हड़ताल गुरुवार देर रात समाप्त हो गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच समझौता कराया, जिसके बाद हड़ताल खत्म हो गई। समझौते के तहत कंपनी सभी बर्खास्त 11 कर्मचारियों को दोबारा बहाल करेगी और हड़ताल के हर दिन के हिसाब से आठ दिन का वेतन काटने के नियम पर नर्म रुख रखेगी। दूसरी ओर कर्मचारी भी प्रबंधन की इस मांग के सामने झुक गए हैं कि कंपनी में दूसरी यूनियन नहीं बनेगी। हरियाणा के श्रम सचिव सरबन सिंह ने बताया, समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं और कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। वे शुक्रवार से काम पर लौटेंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी ने सभी 11 बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल करने का फैसला किया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू की जाएगी। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हुड्डा ने मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी समेत कई आला अधिकारियों से बात की, जिसके बाद यह रास्ता निकला। कंपनी के अधिकारियों से इस बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। हड़ताल खत्म करने के लिए हुए समझौते के तहत प्रबंधन हड़ताल के दौरान काम नहीं तो दाम नहीं के नियम को लचीला बनाते हुए इसे आठ दिन से कम करते हुए तीन दिन करने पर सहमत हो गया है। सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ महीने में कर्मचारियों के व्यवहार और उनकी उत्पादकता को देखते हुए इसे और कम करते हुए सिर्फ एक दिन किया जा सकता है। दूसरी ओर, कर्मचारी इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे एक नई यूनियन को मान्यता देने के लिए प्रबंधन पर दबाव नहीं डालेंगे।