खास बातें
- अंडा और मांस-मछली जैसे प्रोटीन वाले खाद्यों में नरमी के चलते खुदरा मुद्रास्फीति में पिछले पांच से लगातार हो बढ़ोतरी मार्च में थम गई और आलोच्य माह में यह घटकर 10.39 फीसदी पर आ गई।
नई दिल्ली: अंडा और मांस-मछली जैसे प्रोटीन वाले खाद्यों में नरमी के चलते खुदरा मुद्रास्फीति में पिछले पांच से लगातार हो बढ़ोतरी मार्च में थम गई और आलोच्य माह में यह घटकर 10.39 फीसदी पर आ गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में 10.91 फीसदी थी। मार्च लगातार चौथा महीना रहा, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति 10 प्रतिशत से ऊपर है। मार्च में सब्जी वर्ग की मुद्रास्फीति घटकर 12.16 फीसदी रही, जबकि फरवरी में यह 21.29 फीसदी थी।
इस महीने प्रोटीनयुक्त उत्पादों - अंडा, मांस और मछली - वर्ग की मुद्रास्फीति 14.36 फीसदी तथा तेल एवं वसायुक्त उत्पादों की महंगाई दर वार्षिक आधार पर 11.72 फीसदी रही। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आलोच्य माह में अनाज वर्ग की मुद्रास्फीति 17.55 रही, जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के सभी खंडों में सबसे ऊंची रही।
दलहन वर्ग की मुद्रास्फीति 11.38 फीसदी रही। मार्च में चीनी की खुदरा कीमतें एक साल पहले की तुलना में 11.65 फीसदी ऊंची रहीं। कपड़े और जूते-चप्पल के खंड में मंहगाई दर इस माह 10.64 फीसदी थी। शहरी इलाकों संबंधी खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में घटकर 10.38 फीसदी पर आ गई, जबकि पिछले माह यह 10.84 फीसदी थी।
ग्रामीण क्षेत्र संबंधी मुद्रास्फीति मार्च, 2013 में घटकर 10.33 फीसदी पर आ गई, जो फरवरी में 11.01 फीसदी थी। थोकमूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े सोमवार को आने की उम्मीद है। फरवरी में सकल मुद्रास्फीति 6.84 फीसदी थी, जो अभी ज्यादा मानी जा रही है। रिजर्व बैंक छह प्रतिशत से ऊंची थोक मूल्य मुद्रास्फीति को आरामदेह नहीं मानता।
इस बीच, औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर फरवरी, 2013 में घटकर 0.6 फीसदी पर सिमट गई। पिछले साल के इसी महीने औद्योगिक उत्पादन में सालाना स्तर पर 4.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। रिजर्व बैंक 3 मई को पेश होने वाली सालाना मौद्रिक नीति में मद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन के इन आंकड़ों को ध्यान में रख सकता है।