ऑस्कर 2026 इस साल भारत के लिए कुछ खास नहीं था. पहली वजह ये कि भारत की तरफ से कोई फिल्म फिनाले तक यानी कि अवॉर्ड की रेस तक नहीं पहुंच पाई थी और दूसरी वजह थी ऑस्कर का हमारे लेजेंड को भुला देना. हम बात कर रहे हैं धर्मेंद्र की और फैन्स ऑस्कर से इसलिए निराश हुए क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि ऑस्कर के मेमोरियम सेगमेंट में धरम पाजी (Oscars 2026 Names Dharmendra On In Memoriam List Leaves Him Out Of Ceremony) को भी याद किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जिस वक्त वो वीडियो क्लिप चली हर किसी को इंतजार था कि इस बार धर्मेंद्र को याद किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पहले भी भारतीय सेलेब्स को और उनके योगदान को याद किया गया है. लेकिन इससे धर्मेंद्र की गैरमौजूदगी ने फैन्स को निराश कर दिया.
लॉस एंजिल्स में हुई इस अवॉर्ड सेरेमनी में, इस सेगमेंट के जरिए कई हॉलीवुड दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी गई लेकिन 'शोले' एक्टर को इसमें जगह नहीं मिली. दिलचस्प बात यह है कि फरवरी 2026 में हुए 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवार्ड्स के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट में धर्मेंद्र को याद किया गया था.
ऑस्कर 2026 के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट से धर्मेंद्र गायद
धर्मेंद्र को शामिल न किया जाना कुछ ऐसा था जिसकी उम्मीद नहीं थी. भारतीय सिनेमा में उनके लंबे समय से चले आ रहे योगदान और उनकी पॉपुलैरिटी को देखते हुए ये बात हजम करनी थोड़ी मुश्किल थी. 1960 के दशक में अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने 'शोले' (1975), 'चुपके चुपके' (1975), 'फूल और पत्थर' (1966) और 'सीता और गीता' (1972) जैसी फिल्मों में अपनी परफॉर्मेंस के लिए खूब वाहवाही बटोरी. उन्होंने अपने टैलेंट से एक्शन, ड्रामा और कॉमेडी तीनों ही शैलियों को बखूबी निभाया, जिससे वह घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बन गए.

पिछले कुछ सालों में, ऑस्कर के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट में नितिन चंद्रकांत देसाई, इरफान खान, भानु अथैया, श्रीदेवी और शशि कपूर जैसे भारतीय फिल्म दिग्गजों को याद किया गया था. हालांकि धर्मेंद्र की गैरमौजूदगी पर काफी चर्चा हुई, लेकिन यह सेगमेंट मुख्य रूप से उन जाने-माने हॉलीवुड कलाकारों को श्रद्धांजलि देने पर फोकस्ड था, जिनका 2025 में निधन हो गया था.
हॉलीवुड दिग्गजों को श्रद्धांजलि
इस मेमोरियम में कुछ खास लोगों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया. बिली क्रिस्टल ने अपने दिवंगत मित्र रॉब रेनर को दिल को छू लेने वाले शब्दों में याद करते हुए इस सेगमेंट की शुरुआत की. उन्होंने रेनर को 'दिस इज स्पाइनल टैप', 'ए फ्यू गुड मेन' और 'मिजरी' जैसी फिल्मों के पीछे एक मल्टीटैलेंटेड फिल्म मेकर के तौर पर सराहा. इसके बाद रैचेल मैकएडम्स ने कैथरीन ओ'हारा को सम्मानित करते हुए उन्हें एक "ताकतवर हवा" (Mighty Wind) बताया और एक बेहतरीन कलाकार के तौर पर उनके कद को हाईलाइट किया. मैकएडम्स ने डायने कीटन को भी उनके "कई अलग-अलग किरदारों" (many hats) के लिए सराहा.
फैन्स का फूट गुस्सा
एक्स पर एक शख्स ने इस पर गुस्सा जताया है, 'ऑस्कर समारोह में पिछले साल दिवंगत हुए लोगों की लिस्ट दिखाई गई, लेकिन धर्मेंद्र का नाम तक नहीं लिया गया, एक महान भारतीय अभिनेता जिन्होंने अपना पूरा जीवन सिनेमा को समर्पित कर दिया. जब हमारे दिग्गजों को कोई पहचान नहीं मिलती तो इतना प्रचार क्यों? आखिर यह मुख्य रूप से हॉलीवुड का शो है, अंतरराष्ट्रीय नहीं #Oscar'
The Oscars showed a list of people who passed away last year, yet didn't mention Dharmendra—a legendary Indian actor who gave his entire life to cinema. Why so much hype when our icons get no recognition? After all, it's mainly a Hollywood show, not truly international.#Oscars
— Ali Khan (@kingaliahmed) March 16, 2026
इस सेगमेंट में धर्मेंद्र को शामिल न करने का फैसला खासतौर से चौंकाने वाला था, क्योंकि उनकी विरासत ने भारतीय फिल्म मेकिंग को एक नई दिशा दी है और कलाकारों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है. बता दें कि धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर, 2025 को लंबी बीमारी के बाद हो गया. उनका अंतिम संस्कार मुंबई में किया गया. उनके परिवार में उनकी पत्नियां प्रकाश कौर और हेमा मालिनी और छह बच्चे शामिल हैं, जिनमें अभिनेता सनी देओल, बॉबी देओल और ईशा देओल भी शामिल हैं. भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया.
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