यह ख़बर 24 सितंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

संकटग्रस्त किंगफिशर एयरलाइंस विदेशी निवेशक के संपर्क में

खास बातें

  • संकटग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस हिस्सेदारी बिक्री की संभावना तलाशते हुए एक विदेशी निवेशक के साथ बातचीत कर रही है। कंपनी के चेयरमैन विजय माल्या ने मंगलवार को यह बात कही। हालांकि, उन्होंने निवेशक का नाम बताने से इनकार किया।
बेंगलूर:

संकटग्रस्त विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस हिस्सेदारी बिक्री की संभावना तलाशते हुए एक विदेशी निवेशक के साथ बातचीत कर रही है। कंपनी के चेयरमैन विजय माल्या ने मंगलवार को यह बात कही।

हालांकि, उन्होंने निवेशक का नाम बताने से इनकार किया।

कंपनी के शेयरधारकों की वार्षिक बैठक के दौरान माल्या ने संवाददाताओं को बताया, ‘मुझे उम्मीद है कि यह करीब 90 दिन में सिरे चढ़ेगा। यह मेरा अपना अनुमान है। यह कम या ज्यादा हो सकता है।’ करीब एक साल से बेकार खड़ी किंगफिशर पर कुल 7,000 करोड़ रुपये का ऋण है और उसका संचित घाटा 16,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

निवेशक के बारे में पूछे जाने पर माल्या ने कहा, ‘निवेशक के बारे में जानकारी सार्वजनिक करना बहुत संवेदनशील है क्योंकि इससे समझौते की गोपनीयता भंग होगी।’ एक सवाल के जवाब में माल्या ने कहा कि यूनाइटेड ब्रिवरीज होल्डिंग्स के निदेशक मंडल ने संभावित निवेशक के मद्देनजर सतत धन उपलब्ध कराते रहने के कंपनी के अनुरोध पर विचार किया है और कुछ धन उपलब्ध कराने पर राजी हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘यूनाइटेड ब्रिवरीज खुद अपने कोषों व परिसंपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती क्योंकि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उसे ऐसा करने से रोक रखा है। हमने इस कोष के एक हिस्से का इस्तेमाल करने की अनुमति न्यायालय से मांगी है और अब यह माननीय न्यायालय की अनुमति पर निर्भर करता है।’

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

यह पूछे जाने पर कि क्या यूनाइटेड ब्रिवरीज कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने पर राजी हो गई है, माल्या ने कहा, ‘हां, यह माननीय न्यायालय के समक्ष मुख्य अनुरोध है।’