खास बातें
- एतिहाद एयरवेज तथा जेट एयरवेज के शीर्ष कार्यकारियों ने गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात इस तरह की चर्चाओं के बीच हुई कि अबू धाबी की एयरलाइंस देश की प्रमुख विमानन कंपनी में 24 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने जा रही है।
नई दिल्ली: एतिहाद एयरवेज तथा जेट एयरवेज के शीर्ष कार्यकारियों ने गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात इस तरह की चर्चाओं के बीच हुई कि अबू धाबी की एयरलाइंस देश की प्रमुख विमानन कंपनी में 24 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने जा रही है।
एतिहाद के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेम्स हॉगन ने की। बैठक में जेट एयरवेज के प्रवर्तक नरेश गोयल भी उपस्थित थे। हालांकि, बैठक के बारे में हॉगन और गोयल ने कुछ नहीं कहा। नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि दोनों एयरलाइंस के बीच बातचीत चल रही है, इसलिए एतिहाद का प्रतिनिधिमंडल यहां आया है। वे इस संभावित अधिग्रहण के बारे में गोयल से बातचीत कर रहे हैं।
सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा, भारत में निवेश करने की इच्छुक किसी भी विदेशी एयरलाइन की कई चिंताएं हैं। मसलन नीति क्या है, लागत ढांचा किस प्रकार का है। वे इस सौदे के बारे में एक माह से अधिक से बातचीत कर रहे हैं। सरकार द्वारा विमानन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दिए जाने के बाद से बातचीत जारी है।
यह पूछे जाने कि सौदा कब तक होने की उम्मीद है, सिंह ने कहा कि यह उन पर निर्भर करता है। दोनों पक्षों के बीच जो भी करार हो, वह नियामकीय ढांचे के अनुरूप होना चाहिए। सरकार ने पिछले साल सितंबर में विमानन क्षेत्र में एफडीआई नीति में बदलाव करते हुए विदेशी एयरलाइंस को भारतीय विमानन कंपनियों में 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी थी।