खास बातें
- बैंकिंग सेवा देने वाली क्रेडिट सुइस एजी ने कहा कि भारत में वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान ब्याज दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती हो सकती है।
सिंगापुर: बैंकिंग सेवा देने वाली क्रेडिट सुइस एजी ने कहा कि भारत में वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान ब्याज दरों में 1.25 प्रतिशत की कटौती हो सकती है।
बैंक के निदेशक राबर्ट प्रायर वांडेसफोर्ड ने कहा, ‘हम अप्रैल में 0.25 प्रतिशत तथा पूरे वित्त वर्ष के दौरान 1.25 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।’ बैंक के 2012 के वैश्विक परिदृश्य के बारे में मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत हैं लेकिन वैश्विक कारोबार में नरमी को देखते हुए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में 7 प्रतिशत से कम रहेगी। वांडेसफोर्ड ने कहा, ‘लेकिन अच्छी खबर यह है कि मुद्रास्फीति कम हो रही है और 2012-13 में यह 7 प्रतिशत से कम रहेगी।’ उन्होंने यह भी कहा कि अगले 12 महीने में भारतीय शेयर बाजार में पिछले साल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि रुपये में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वांडेसफोर्ड ने कहा कि रुपया अगले 12 महीने में डालर के मुकाबले 50 रुपये से नीचे आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी निवेशक भारत में विदेशी निवेश के मामले में प्रमुख बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।