खास बातें
- पीएम ने कहा, रिकॉर्ड 24.1 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन के बावजूद ऊंची मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए उत्पादन और बढ़ाने की जरुरत है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि इस बार रिकॉर्ड 24.1 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन के बावजूद बढ़ती मांग को पूरा करने और ऊंची मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए उत्पादन और बढ़ाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजनावधि (2007-2012) में कृषि क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि तीन प्रतिशत रहने की संभावना है जो कि क्षेत्र के लिये तय चार प्रतिशत के लक्ष्य से कम है। सिंह ने कहा, हालांकि वर्ष 2006-07 के बाद से खाद्यान्न उत्पादन बढ़ने की गति तेज हुई है और 11वीं योजनावधि के दौरान कृषि क्षेत्र की सालाना औसत वृद्धिदर तीन प्रतिशत रहने की उम्मीद है लेकिन इससे हम संतुष्ठ होकर नहीं बैठ सकते। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 83वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा, हमें इस पर गौर करना चाहिये कि यह आंकड़ा चार प्रतिशत के लक्ष्य से कम है इसका खामियाजा हाल के वषरे में हमें खाद्य वस्तुओं की उच्च मुद्रास्फीति के तौर पर भुगतना पड़ा। मुझे उम्मीद है कि 12वीं योजना में कृषि वृद्धि दर बढ़ाने के सभी जरूरी उपाय किये जाएंगे। फसल वर्ष :जुलाई से जून: 2010-11 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 24.1 करोड़ टन के स्तर पर अप्रैल में की गई भविष्यवाणी से 50 लाख टन और पिछले वर्ष की गई भविष्यवाणी से 2.3 करोड़ टन अधिक रहा है।