खास बातें
- केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने रविवार को कहा कि दूध, सब्जी, मांस एवं पोल्ट्री का उत्पादन बढ़ाने से ही खाद्य महंगाई पर लगाम लग सकेगी।
नई दिल्ली: केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने रविवार को कहा कि दूध, सब्जी, मांस एवं पोल्ट्री का उत्पादन बढ़ाने से ही खाद्य महंगाई पर लगाम लग सकेगी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में इन उत्पादों का बढ़ता उपभोग खाद्य महंगाई में योगदान दे रहा है। थॉमस ने कहा, "पिछले वर्षों की तुलना में दूध, मांस एवं पोल्ट्री उत्पादों और सब्जियों के उपभोग में वृद्धि हुई है।" थॉमस ने इससे पहले 28 अक्टूबर को अपने बयान में कहा था कि 'लोगों की बदली खाद्य आदत से खाद्य महंगाई बढ़ी है।' उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि इसका अर्थ मांस एवं पोल्ट्री उत्पाद, दूध एवं सब्जियों के बदलते उपभोग चक्र से था। उन्होंने कहा, "इनके उत्पादन में वृद्धि की आवश्यकता है। चावल एवं गेहूं की कीमतें नहीं बढ़ी हैं और चीनी की कीमत भी स्थिर है।" पिछले गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य महंगाई दर बढ़कर 11.43 फीसदी हो गई। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर थॉमस से शनिवार को चर्चा की थी। इससे पहले थॉमस ने कहा था कि खाद्य महंगाई का कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी है। उन्होंने कहा कि लेकिन इसे रोका नहीं जा सकता क्योंकि किसानों को उनके उत्पादन की अच्छी कीमत मिलनी चाहिए।