खास बातें
- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रेल बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिसमें सुरक्षा और रेलवे के आधुनिकीकरण को विशेष तवज्जो दी गई है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रेल बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिसमें सुरक्षा और रेलवे के आधुनिकीकरण को विशेष तवज्जो दी गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘रेल मंत्री ने दूरदर्शितापूर्ण बजट तैयार किया है जिसमें सुरक्षा, संरक्षा और रेलवे के आधुनिकीकरण को विशेष तवज्जो दी गई है।’ मनमोहन ने कहा कि रेल बजट 12वीं पंचवर्षीय योजना की मांग को पूरा करने की जवाबदेही की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया है।
गौरतलब है कि रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आठ साल बाद सभी श्रेणियों के रेल यात्री किराए में दो पैसे से 30 पैसे प्रति किलोमीटर वृद्धि करने के साथ रेल टिकट की न्यूनतम दर 4 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये करने की घोषणा की है। प्लेटफार्म टिकट का दाम भी 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये कर दिया गया है। रेल मंत्री ने 75 नयी एक्सप्रेस ट्रेन, 21 पैसेंजर ट्रेन और 39 ट्रेनों का विस्तार करने की भी घोषणा की।
वहीं, रेल किराये में वृद्धि का समर्थन करते हुए कांग्रेस ने कहा कि ईधन में मूल्य वृद्धि को देखते यह इजाफा मामूली लेकिन जरूरी था।
संसद भवन परिसर में कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास ने कहा, ‘यह एक अच्छा बजट है जिसमें सभी के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किया गया है।’ रेल यात्री किराये में वृद्धि के बारे में पूछे जाने पर व्यास ने कहा कि ईधन की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए यह बढ़ोत्तरी मामूली लेकिन जरूरी थी जो आठ साल बाद की गई है।
उन्होंने कहा कि इस मामूली वृद्धि का आम आदमी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा जबकि रेलवे में सुरक्षा, संरक्षा और अन्य सुविधाओं के आधार को बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं।
कांग्रेस नेता पी एल पुनिया ने भी रेल बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में रेल मंत्री की ओर से पेश यह अच्छा बजट है। रेलवे के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रेल किराये में वृद्धि मामूली है।
वहीं, वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने रेल बजट में कुछ सकारात्मक प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि अगर इन कदमों से परिचालन लागत को कम किया जा सकेगा, तो यह महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
रेल बजट के बाद संसद भवन परिसर में वित्तमंत्री ने कहा, ‘रेल बजट में कुछ सकारात्मक बातें कही गई है। मसलन बजट में 60,100 करोड़ रूपये की करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।’ प्रणव ने कहा कि संशोधित सूची और अनुमानित आय पर गौर करें तब सकल प्राप्ति 26,000 करोड़ रूपये आती है जो संशोधित प्राक्कलन से 28 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री के प्रस्तावों को अगर प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तब इससे रेलवे को अपनी क्षमता बढ़ने के लिए अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि रेल मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया कि परिचालन दर में पिछले कुछ समय से उतार चढ़ाव देखा गया और यह कभी 94, कभी 95, कभी 96 रहा। एक वर्ष में यह 97 पहुंच गया था। प्रणव ने कहा कि रेल मंत्री ने इसे वर्तमान 95 से घटा कर 85.84.9 करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। अगर वह सफल होते हैं तो यह महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
रेल बजट पर पूर्व वित्तमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि सरकार को इस तरह से अचानक रेल यात्री किराये में वृद्धि नहीं करनी चाहिए थी क्योंकि इससे महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
संसद भवन परिसर में सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ‘रेल बजट से पहले माल भाड़े में वृद्धि कर दी गई थी और संसद को इसकी जानकारी नहीं दी गई। सुरक्षा और संरक्षा के बारे में अच्छी अच्छी बातें की गई है लेकिन मैं समझता हूं कि रेल मंत्री केवल चिंता व्यक्त करने तक ही सीमित हैं.. और सभी बातें ‘एनेक्सचर’ में दब गई हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आठ सालों में रेल किराये में वृद्धि नहीं की गई और अब अचानक एक बार इतनी अधिक वृद्धि क्यों की गई। इसे एक बार इतना अधिक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए था, क्योंकि इससे महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।’ सिन्हा ने कहा कि 500 से।,000 किलोमीटर की यात्रा करने वाली गरीब जनता के लिए रेल किराये में वृद्धि कमर तोड़ने वाली है।
भाजपा नेता ने कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी से यात्री किराये में वृद्धि को छिपाने का प्रयास किया गया है। जब इसके ब्यौरे पर ध्यान देंगे तब इसकी हकीकत का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि रेल बजट में जितने भी आंकड़े दिये गए हैं, वह सब कागजी हैं।
भारतीय उद्योग जगत ने वित्तवर्ष 2012-13 के रेल बजट को संतुलित करार देते हुए कहा है कि इसमें यात्रियों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर ध्यान दिया गया है।
उद्योग मंडल सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘यह रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा पेश एक संतुलित रेल बजट है। पिछले कई बरसों से रेल किरायों में वृद्धि नहीं हुई थी, ऐसे में यह जरूरी था।’
वहीं एसोचैम ने कहा कि यह आम आदमी को खुश करने वाला रेल बजट है। मुद्रास्फीति की ऊंची दर को देखते हुए किराया दरों में वृद्धि काफी कम है। एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा, ‘मंत्री ने मुख्य रूप से यात्रियों की सुरक्षा और आराम पर ध्यान दिया है।’