नई दिल्ली: जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उपभोक्ता बन गया है. बीपी के वैश्विक ऊर्जा पर सांख्यिकी समीक्षा में कहा गया है कि 2035 तक तेल खपत की वृद्धि के मामले में भारत दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे आगे होगा. भारत 2008 से ऊर्जा खपत के मामले में एशिया में दूसरे नंबर पर है.
2015 में भारत ने जापान को पीछे छोड़ा और यह तेल खपत के मामले में अमेरिका और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. समीक्षा में कहा गया है कि हमारा अनुमान है कि 2035 तक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत में तेल खपत की वृद्धि सबसे अधिक होगी. इससे उत्पादन बढ़ोतरी के बावजूद भारत की आयात पर निर्भरता बनी रहेगी. भारत 2030 तक मात्रा के हिसाब से ऊर्जा के बाजार की वृद्धि के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा.
कच्चे तेल की खपत 2015 में 41 लाख बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 2035 में 92 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी. वहीं प्राकृतिक गैस की खपत 4.9 अरब घनमीटर से 12.8 अरब घनमीटर होगी, जबकि कोयले की खपत दोगुना से अधिक होकर 83.3 करोड़ टन पर पहुंच जाएगी.
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