खास बातें
- वैश्विक स्तर पर नियुक्ति सेवा प्रदान करने वाली माईहाईरिंगक्लब डॉट काम की रपट में कहा गया कि विश्व में सबसे अधिक आईटी क्षेत्र का वेतन स्विट्जरलैंड में मिलता है।
नई दिल्ली: भारतीय आईटी कंपनियां विश्व में सबसे कम वेतन देने वाली नियोक्ताओं में शामिल हैं। इनके मध्यम से वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों को औसतन सालाना 36,120 डॉलर (18.5 लाख रुपए) का वेतन मिलता है जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक वेतन देने वाली स्विट्जरलैंड की कंपनियों के मुकाबले एक चौथाई है। वैश्विक स्तर पर नियुक्ति सेवा प्रदान करने वाली माईहाईरिंगक्लब डॉट काम की रपट में कहा गया कि विश्व में सबसे अधिक आईटी क्षेत्र का वेतन स्विट्जरलैंड में मिलता है जहां औसतन 1,67,890 डॉलर (करीब 87 लाख रुपए) सालाना वेतन मिलता है। रपट में पाया गया कि भारत को विश्व में 10 सबसे कम वेतन देने वाले देशों में सातवां स्थान दिया गया है। इस रपट में 41 अलग-अलग देशों की 6,000 कंपनियों का विश्लेषण किया गया है जिसमें पाया गया कि पश्चिमी यूरोप में सबसे अधिक वेतन मिलता है। माईहाइरिंगक्लब डॉट काम के मुख्य कार्याधिकारी राजेश कुमार ने कहा आउटसोर्सिंग और आईटी क्षेत्र का काम उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप ले जाने के असर से वैश्विक वेतन की प्रणाली स्पष्ट होती है। निम्नतर स्तर का काम ऐसे क्षेत्रों में ले जाया जा रहा है जहां लोग कम वेतन पर मिलते हैं। उन्होंने कहा लागत के लिहाज से आईटी विकास के लिए भारत प्रमुख गंतव्य बना हुआ है। हालांकि वेतन में बढ़ोतरी और प्रतिभा की कमी भविष्य में अपनी स्थिति बरकरार रखने के क्षेत्र में प्रमुख चुनौती बन सकती है। भारत के आईटी प्रबंधकों को हालांकि वियतनाम, बल्गेरिया, फिलिपीन्स, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया के प्रबंधकों के मुकाबले ज्यादा वेतन मिलता है।