यह ख़बर 02 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

विनिर्माण क्षेत्र में दूसरी सबसे प्रतिस्पर्धा अर्थव्यवस्था होगा भारत

खास बातें

  • भारत अगले पांच साल में विनिर्माण क्षेत्र में दूसरी सबसे प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में शामिल होगा। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विनिर्माण प्रतिस्पर्धा के मामले में चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर होगा।
नई दिल्ली:

भारत अगले पांच साल में विनिर्माण क्षेत्र में दूसरी सबसे प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में शामिल होगा। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विनिर्माण प्रतिस्पर्धा के मामले में चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर होगा।

डेलॉयट टच तोहमात्सु और अमेरिकी प्रतिस्पर्धा परिषद द्वारा तैयार वैश्विक विनिर्माण प्रतिस्पर्धा सूचकांक के मुताबिक पांच साल बाद उभरते देश शीर्ष तीन स्थान पर होंगे।

रपट में कहा गया कि चीन शीर्ष स्थान पर होगा जबकि भारत और ब्राजील क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर होंगे।

डेलॉयट के टिमोथी पी हैनले ने इस रपट के बारे में कहा ‘‘प्रतिभाशाली श्रमशक्ति, मजबूत घरेलू मांग और बेहतरीन भौगोलिक स्थिति के कारण भारत की संभावनाएं बेहतर हैं।’’ हैनले ने कहा कि भारत की सेवा क्षेत्र में विशेषज्ञता विनिर्माण क्षेत्र में भी दिख सकती है बशर्ते शिक्षा और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जाए।

इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया ‘‘स्थिर और व्यापक राष्ट्रीय विनिर्माण रणनीति, लोकतांत्रिक कामकाज और बुनियादी ढांचा विकास के कारण अगले पांच साल में भारत चमकते सितारे की तरह होगा जिसे दुनिया देखेगी।’’

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रपट में पांच विकसित अर्थव्यवस्थाओं को इस सूची में शीर्ष 10 देशों में शामिल किया गया है जिनमें जर्मनी (दूसरे), अमेरिका (तीसरे), दक्षिण कोरिया (पांचवें), कनाडा (सातवें) और जापान (10वें) हैं। इसके अलावा इस सूची में जिन पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है उनमें चीन (पहले), भारत (चौथे), ताइवान (छठे), ब्राजील (आठवें) और सिंगापुर (नौवें) स्थान पर हैं।