यह ख़बर 16 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

कड़े वीजा नियमों पर भारत ने ब्रिटेन को किया आगाह

खास बातें

  • भारत ने ब्रिटेन को आगाह किया कि अगर ब्रिटिश सरकार कड़े वीजा नियम पर अड़ी रही तो भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां अपना कारोबार समेटकर दूसरे यूरोपीय देशों में जा सकती हैं।
लंदन:

भारत ने ब्रिटेन को आगाह किया कि अगर ब्रिटिश सरकार कड़े वीजा नियम पर अड़ी रही तो भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां अपना कारोबार समेटकर दूसरे यूरोपीय देशों में जा सकती हैं। ब्रिटेन के वीजा नियम से भारतीय आईटी पेशेवर प्रभावित होंगे।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा की ब्रिटेन के व्यापार, अनुसंधान तथा कौशल मंत्री विंस केबल तथा वित्त मंत्री जार्ज ओसबोर्न के साथ बैठक के दौरान यह मुद्दा उठा।

हालांकि ओसबोर्न ने शर्मा को आश्वस्त किया कि ब्रिटिश सरकार ने कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण के मामले में अगले दो साल के लिए कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है।

प्रस्ताव से भारतीय आईटी उद्योग तथा सरकार परेशान थी क्योंकि इसका तात्पर्य था कि कंपनी की एक इकाई से दूसरी इकाई में स्थानांतरण को संभावित आव्रजकों के रूप में देखा जाता।

सरकारी बयान के अनुसार शर्मा ने कहा कि नियम से ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय कंपनियों के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ा है।

बयान के मुताबिक, ‘शर्मा ने चिंता जताई कि इस कदम से भारतीय कंपनियां खासकर आईटी कंपनियां दूसरे यूरोपीय देशों का रुख कर सकती हैं।’

मंत्री ने गैर-यूरोपीय आव्रजकों के ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर सीमा लगाए जाने के मुद्दे को भी उठाया। इससे यहां भारतीय कंपनियों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।

इसके अलावा, शर्मा ने ब्रिटिश कंपनियों के अधिग्रहण के इच्छुक भारतीय कंपनियों को उल्लेखनीय देरी तथा कानूनी बाधाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर भी चिंता जताई।

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शर्मा यहां भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक तथा व्यापार समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आए हुए हैं।