खास बातें
- रेटिंग एजेंसी मूडीज ने आगाह किया है कि पूंजी के बाह्य प्रवाह मामले में भारत संवेदनशील देशों में शामिल है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत काफी हद तक बाहरी वित्तपोषण पर निर्भर करता है।
नई दिल्ली: रेटिंग एजेंसी मूडीज ने आगाह किया है कि पूंजी के बाह्य प्रवाह मामले में भारत संवेदनशील देशों में शामिल है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत काफी हद तक बाहरी वित्तपोषण पर निर्भर करता है।
मूडीज एनालिटिक्स की रिपोर्ट ‘अमेरिका के कड़े मौद्रिक रख से एशियाई बाजार कैसे प्रभावित होंगे’ में कहा है कि विदेशी वित्तपोषण पर निर्भरता की वजह से भारत व इंडोनेशिया पूंजी के बाह्य प्रवाह मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील देशों में आते हैं।
मूडीज ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के यह कहने पर कि वह अपने आर्थिक प्रोत्साहन में धीरे-धीरे कटौती करेगा रुपया 15 प्रतिशत घट गया और यह एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में रहा। हालांकि, पिछले सप्ताह फेडरल रिजर्व ने बाजारों को हैरान करते हुए कहा कि वह अपने 85 अरब डॉलर के मासिक बांड खरीद कार्यक्रम को जारी रखेगा।
अमेरिका में प्रोत्साहन कार्यक्रम में बदलाव होने से ऐसी आशंका है कि देश से पूंजी बाहर निकलने लगेगी और इसका असर रुपये पर पड़ेगा और यह डॉलर के मुकाबले गिरेगी। शेयरों में भी गिरावट आएगी। इससे पहले 28 अगस्त को डॉलर के मुकाबले रुपये 68.86 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया था और फिलहाल यह 62.83 रुपये के दायरे में बोला जा रहा है।