खास बातें
- अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए सरकार तैयार है
- वित्त मंत्री ने कहा कि आम लोगों के जीवन स्तर में आ रहा है सुधार
- सरकार ने दावा किया है कि जीएसटी लागू होने से करप्शन में कमी आई
नई दिल्ली: कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश की अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने कहा कि पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने के बाद हमने कहा था कि अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है. पिछले कुछ सप्ताहों के अंदर अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार के भीतर काफी विश्लेषण हुआ. वित्त मंत्रालय की प्रधानमंत्री के साथ बैठक हुई.
यह भी पढ़ें : अगस्त-सितंबर के लिए जीएसटी रिटर्न देर से भरने वालों को राहत
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले तीन सालों से भारत दुनिया की सबसे तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. जब कुछ बड़े बदलाव आते हैं, तो सीमित समय में उसके कुछ असर सामने आते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म में इसके फायदे सामने आते हैं. लेकिन विस्तृत रूप से यह तय है कि देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत है.
यह भी पढ़ें : IMF चीफ़ क्रिस्टीन लेगार्ड ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कुछ इन शब्दों में की तारीफ...
आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है
अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में वित्त मंत्रालय की ओर से एक प्रेंजेटशन दिया गया. इसमें बताया गया कि आम आदमी के जीवन स्तर में कैसे सुधार आ रहा है. महंगाई को काबू रखने में सफलता मिली है. विदेशी मुद्रा का भंडार रिकॉर्ड 400 अरब डॉलर के स्तर तक गया. वित्तीय घाटा के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है. जीडीपी में आगे तेजी आने की उम्मीद है.
VIDEO: अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत
GST लागू होने से करप्शन मे कमी आई
सरकार ने दावा किया है कि जीएसटी के लागू होने से करप्शन में कमी आई है. आर्थिक सचिव ने कहा कि इस साल महंगाई दर 3.5 फीसदी रहने का अनुमान है. सड़क निर्माण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं. सड़क, रेलवे, पावर, हाउसिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का पूरा फोकस है. रोजगार पैदा करने पर भी विशेष ध्यान है.