खास बातें
- साल 2015 में भारत में करोड़पतियों की संख्या 2.36 लाख थी
- भारत के इन अमीरों की संपत्ति कुल मिलाकर 1,500 अरब डॉलर थी
- रिपोर्ट में साल 2025 तक करोड़पतियों की संख्या 5.54 लाख पहुंचने का अनुमान
नई दिल्ली: भारत में मिलियनेयर (बाजार में छह-सात करोड़ रुपये से अधिक की व्यक्तिगत हैसियत वाले अमीरों) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साल 2015 के अंत तक देश में ऐसे उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (एचएनडब्ल्यूआई) की संख्या 2,36,000 थी और उनकी सम्मिलित संपत्ति 1,500 अरब डॉलर थी। यह जानकारी न्यू वर्ल्ड वेल्थ की 'इंडिया 2016 वेल्थ रिपोर्ट' में दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2007 से विश्व के अधिकतर देश जहां मंदी या नगण्य वृद्धि से परेशान हैं, वहीं भारत में संपत्ति सृजन के हिसाब से 'बहुत अच्छा' प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमारी समीक्षा अवधि में भारतीय एचएनडब्ल्यूआई की संख्या 55 प्रतिशत बढ़ी है, 2007 में इनकी संख्या 1,52,000 थी जो 2015 में 2,36,000 हो गई। इस दौरान ऐसे अमीरों की संपत्ति में 67 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो 2007 की 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2015 में 1,500 अरब डॉलर हो गई।'
एचएनडब्ल्यूआई में उन व्यक्तियों को शामिल किया जाता है, जिनकी शुद्ध संपत्ति 10 लाख डॉलर या उससे अधिक होती है। रिपोर्ट में अगले दस सालों में भारतीय एचएनडब्ल्यूआई की संख्या और संपत्ति में और वृद्धि होने का अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट में 2025 तक एचएनडब्ल्यूआई की संख्या 135 प्रतिशत बढ़कर 5,54,000 होने का अनुमान है।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)