यह ख़बर 05 जुलाई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

भारत की वृद्धि जून में चीन से तेज रही : एचएसबीसी

खास बातें

  • भारत की वृद्धि दर इस बार जून माह में चीन के मुकाबले अधिक रही हालांकि 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि आलोच्य माह में सबसे कम रही।
नई दिल्ली:

भारत की वृद्धि दर इस बार जून माह में चीन के मुकाबले अधिक रही हालांकि 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि आलोच्य माह में सबसे कम रही। एचएसबीसी के एक प्रतिष्ठित नियमित सर्वेक्षण रपट में यह बात कही गई है।

कंपनियों के परचेज मैनजरों के बीच कराए गए मासिक सर्वे पर आधारित एचएसबीसी का उभरते बाजार संबंधी सूचकांक (ईएमआई) जून में घटकर 50.6 पर आ गया, जो मई में 51.3 पर था। यह मई 2009 के बाद की सबसे कम वृद्धि दर का संकेत है।

एचएसबीसी के अनुसार, यह चार साल का न्यूनतम आंकड़ा है, क्योंकि चीन के विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन अन्य एशियाई बाजारों की तरह ही घटा है। उभरते बाजारों में चीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगस्त 2012 के बाद से पहली बार उसके विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन हल्का गिरा है।

रूस की उत्पादन वृद्धि भी आलोच्य अवधि में अटक गई। भारत और ब्राजील दोनों देशों में उत्पादन बढ़ा पर वृद्धि दर हल्की रही।

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जून में भारत का एचएसबीसी मिश्रित विनिर्माण और सेवा क्षेत्र सूचकांक 50.9 रहा, जबकि चीन का 49.8, ब्राजील 51.1 और रूस 50.1 रहा। इस सूचकांक में 50 अंक से नीचे होने का मतलब उत्पादन संकुचन है।