खास बातें
- भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार व्यवस्था के लिए लम्बे समय से चल रही बातचीत में अभी कोई पक्की सहमति नहीं बन सकी है। दोनों पक्षों में खास कर वाहनों पर शुल्क में कटौती जैसे कई मुददों पर खींचतान जारी है। एफटीए वार्ता 2007 में शुरू हुई थी।
नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार व्यवस्था के लिए लम्बे समय से चल रही बातचीत में अभी कोई पक्की सहमति नहीं बन सकी है। दोनों पक्षों में खास कर वाहनों पर शुल्क में कटौती जैसे कई मुददों पर खींचतान जारी है। एफटीए वार्ता 2007 में शुरू हुई थी।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री डी पुरंदेश्वरी ने राज्यसभा में बुधवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, अंतिम स्थिति अभी उभरनी बाकी है क्योंकि कारों पर शुल्क सहित विभिन्न क्षेत्रों को लेकर अभी विचार विमर्श जारी है। यूरोपीय संघ के कुछ सदस्य देश प्रस्तावित व्यापक आधार वाले व्यापार और निवेश समझौते (बीटीआईए) में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शुल्क में बड़ी कटौती के लिए जोर दे रहे हैं।
पुरंदेश्वरी ने बताया कि भारत सेवा व्यापार में अच्छी शर्तों पर समझौता चाहता है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित सेवाओं में पेशवरों की एक दूसरे के यहां आवाजाही की सुगम व्यवस्था तथा भारत को शोध संबंधी आंकड़ों के लिए सुरक्षति देश का दर्जा दिए जाने की मांग शामिल है।
उन्होंने कहा कि माल एवं सेवाओं में व्यापार, निवेश, स्वच्छता मानक (जो खाद्य सुरक्षा तथा पशु एवं पादप स्वास्थ्य के बुनियादी नियमों से संबंधित है), व्यापार में तकनीकी बाधायें, व्यापार में निदानात्मक उपाय, सरकारी खरीद, सीमाशुल्क व्यवस्था में सहयोग और व्यापार सुविधा, विवाद निपटान, प्रतिस्पर्धा और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है।