खास बातें
- भारत का विदेशी ऋण 2010-11 में 17.2 प्रतिशत बढ़कर 305.9 अरब डॉलर पहुंच गया।
मुंबई: भारत का विदेशी ऋण 2010-11 में 17.2 प्रतिशत बढ़कर 305.9 अरब डॉलर पहुंच गया। कंपनियों द्वारा विदेश से अधिक कर्ज, अल्पकालिक ऋण एवं बहुपक्षीय उधारी जुटाने से विदेशी कर्ज का बोझ बढ़ा। मार्च, 2010 के अंत तक देश पर विदेशी ऋण 216 अरब डॉलर था। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन वर्ष में कंपनियों द्वारा विदेश से ऋण 28.9 प्रतिशत तक, जबकि अल्पकालिक ऋण 21.2 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, दूसरी ओर एनआरआई जमा 16.9 प्रतिशत बढ़कर 51.6 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि बहुपक्षीय ऋण 15.8 प्रतिशत बढ़कर 48.4 अरब डॉलर रहा।