टू व्हीलर सेगमेंट में स्कूटरों ने बाइक को पीछे छोड़ा

फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के मुताबिक स्कूटर की बिक्री की एक वजह इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग भी है.

नई दिल्ली:

शहरों में आम लोगों के बीच स्कूटर को लेकर बढ़ती दिलचस्पी का सबूत दिसंबर में स्कूटर बिक्री के आंकड़े हैं. दिसंबर महीने में कई कंपनियों के स्कूटरों की बिक्री बढ़ गई, जबकि मोटरसाइकिलें पहले की तुलना में कम बिकीं. Hero MotoCorp Limited की तरफ से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के मुताबिक Hero MotoCorp ने दिसंबर, 2021 में 376,862 मोटरसाइकिल बेची थीं, लेकिन दिसंबर, 2022 में मोटरसाइकिल की बिक्री घटकर 356,749 रह गई. जबकि इस दौरान स्कूटर की बिक्री दिसंबर, 2021 में 17,911 थी जो बढ़कर दिसंबर, 2022 में 37,430 तक पहुंच गयी, यानी 108% से ज्यादा बढ़ गई.  

फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के मुताबिक स्कूटर की बिक्री की एक वजह इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग भी है.

मनीष राज सिंघानिया, अध्यक्ष, फाडा ने कहा, "हाँ, दो पहिया सेगमेंट में स्कूटर सेगमेंट ने मोटरसाइकिल सेगमेंट को पीछे छोड़ दिया है. इसकी एक वजह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री जो बढ़कर शहरों में 70000 यूनिट्स तक पहुँच गई है. शहरों में होंडा, TVS जैसी कंपनियों ने अच्छा परफॉर्म किया है".  

दूसरी तरफ़ मोटरसाइकलों की बिक्री घटी है. जानकार बताते हैं कि मोटरसाइकिलें गांवों में ज़्यादा बिकती रही हैं. उनकी कम बिक्री का एक मतलब ये भी है कि गांवों की अर्थव्यवस्था कमज़ोर पड़ी है.

जानकारों के मुताबिक एंट्री लेवल की 110 CC मोटरसाइकिल की बिक्री छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा होती है. लेकिन मौजूद वित्तीय साल की दूसरी तिमाही में एंट्री लेवल की 110 CC मोटरसाइकिल की बिक्री पिछले पांच साल में सबसे कम रही है. ये एक संकेत है कि ग्रामीण इलाकों में डिमांड अब भी कमज़ोर है.

 मनीष राज सिंघानिया, अध्यक्ष, फाडा ने कहा, "मोटरसाइकिल सेगमेंट ग्रामीण अर्थव्यवस्था से करीब से जुड़ा होता है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अब भी दबाव है. कॉस्ट ऑफ़ प्रोडक्शन बढ़ा है, साथ ही इंटरेस्ट रेट भी काफी बढ़ा हुआ है. मोटरसाइकिल सेगमेंट में स्ट्रेस है और ये हीरो कंपनी के आंकड़ों में साफ़ दिखता है.   

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

महंगाई दर के आंकड़े भी बताते हैं कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा है. नवंबर में शहरों में महंगाई दर 5.68 फ़ीसदी थी जबकि गांवों में ये शहरों से ज्यादा 6.09 फ़ीसदी थी. त्योहारों के सीजन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार जरूर हुआ था, और मोटरसाइकिलों की बिक्री भी सुधरी. लेकिन ये ताज़ा ट्रेंड बताते हैं कि मोटरसाइकिल सेगमेंट में चुनौती बनी हुई है.