खास बातें
- पिछले वित्तवर्ष के दौरान आईसीआईसीआई बैंक ने आरआईएल को रिजर्व बैंक के नियमों से ज्यादा कर्ज दिया।
New Delhi: सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक के बाद अब निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक द्वारा मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को नियमों को उल्लंघन कर ऋण देने का मामला सामने आया है। पिछले वित्तवर्ष के दौरान आईसीआईसीआई बैंक ने आरआईएल को भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों से ज्यादा का कर्ज दिया। रिजर्व बैंक के ऋण के बारे में नियमों के अनुसार, कोई भी बैंक अपने पूंजी कोष के 15 प्रतिशत से अधिक का कर्ज किसी एक ग्राहक को नहीं दे सकता। हालांकि कुछ विशेष मामलों में बैंक इस सीमा से 5 प्रतिशत ज्यादा कर्ज दे सकते हैं, पर ऐसे मामलों में उसे अपने निदेशक मंडल की अनुमति लेनी होगी। एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक दोनों ने 2010-11 के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस सीमा से अधिक का कर्ज दिया। हालांकि वित्तवर्ष के अंतिम दिन तक ये बैंक इसे निर्धारित सीमा में ले आए थे। मुकेश अंबानी ने हाल में कहा है कि चालू वित्तवर्ष के अंत तक आरआईएल को पूरी तरह ऋण मुक्त कंपनी बना दिया जाएगा। दिलचस्प यह है कि अंबानी के इस बयान के कुछ दिन बाद ही दोनों बैंकों द्वारा आरआईएल को तय सीमा से अधिक का कर्ज देने का मामला सामने आया।