नोटबंदी- आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कुछ नए ऐलान किए... (फोटो साभार-AFP)
खास बातें
- नोटबंदी के तहत नोट एक्सचेंज की सीमा घटाई गई
- हालांकि शादियों के मौसम को देखते हुए कुछ रियायत भी दी गई
- आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने किए कुछ ऐलान
नई दिल्ली: बंद किए गए 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को बदलने की सीमा को सरकार ने 4500 रुपये से घटाकर 2000 रुपये कर दिया है. यह व्यवस्था शुक्रवार से प्रभावी होगी. आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘ज्यादा लोगों को पुराने 1000 और 500 रुपये के नोट बदलने की सुविधा मिल सके इसलिए बैंकों के काउंटर से नोट बदलने की सीमा को 4500 रुपये से घटाकर 2000 रुपये किया गया है.’’ काउंटर से बड़े मूल्य के पुराने नोट बदले नयी मुद्रा लेने की सुविधा ‘30 दिसंबर तक एक व्यक्ति एक बार’ के आधार पर उपलब्ध रहेगी.जाहिर है इससे लोगों को नकदी संबंधी और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
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अन्य नियमों में सरकार ने शादियों के जारी मौसम को देखते हुए दूल्हा, दुल्हन या उनके माता-पिता को बैंक खाते से ढाई लाख रुपये तक नकदी निकासी की अनुमति दी है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा कृषि उत्पादन विपणन समितियों में पंजीकृत व्यापारी सामान्य उपज प्रक्रिया के लिए 50,000 रुपये प्रति सप्ताह तक की धनराशि बैंक खातों से निकाल सकते हैं. दास ने कहा, "कृषि एक महत्वपूर्ण घटक है. अभी रबी फसल का सीजन शुरू हुआ है. हम किसानों के लिए उर्वरकों और अन्य सामानों की सहज आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहते हैं."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर किए जाने की घोषणा की थी. इसे उन्होंने कालेधन, आतंकवाद को वित्तपोषण और नकली नोटों के खिलाफ जंग बताया था. तब से अब तक प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को कई प्रतिनिधियों से शादी इत्यादि के लिए नकदी निकासी के नियमों को आसान बनाने की मनुहार की गई है. दास ने कहा कि इसलिए शादियों के लिए नकदी निकासी सीमा को आसान बनाया गया है, जिस बैंक खाते से उन्हें नकदी का आहरण करना है उसकी केवाईसी नियमों की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ढाई लाख रुपये केवल एक खाते से निकाले जा सकते हैं.
नए नियमों के मुताबिक, अब सब्जियों के थोक व्यापारी 50 हजार रुपये प्रति हफ्ता तक निकाल सकते हैं. जिन किसानों को माल की कीमत चेक या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मिली है, वे उस पेमेंट से हफ्ते में 25 हजार रुपये निकाल सकते हैं. फसल बीमा की किश्त जमा कराने की समय सीमा 15 दिन बढ़ा दी गई है. सरकार कर्मचारी (ग्रुप सी) दस हजार रुपये तक की सैलरी एडवांस निकाल सकते हैं. यह अगले महीने उनके खातों में मैनेज कर दी जाएगी.