यह ख़बर 21 जून, 2013 को प्रकाशित हुई थी

फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये से सोना लुढ़ककर तीन साल के निम्नस्तर पर

खास बातें

  • बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार को देखते हुए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन बेन बर्नांक के द्वारा वहां कर्ज सस्ता करने की नीति में आगे इसी वर्ष बदलाव करने के संकेत के बाद सोना कमजोर हुआ।
नई दिल्ली:

वैश्विक बाजार में कमजोर रुख और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में जोरदार गिरावट देखी जा रही है। यह तीन साल के निम्नस्तर पर पहुंच गया है।

कॉमैक्स पर सोना करीब 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं भाव लुढ़ककर 1,270 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं। चांदी में करीब 2.5 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है और भाव 21 डॉलर से टूटकर 19 डॉलर प्रति औंस  के आसपास आ गए हैं।

वहीं गुरुवार को दिल्ली में सोना 400 रुपये टूट कर 28,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। वहीं कमजोर उठान भी 1,500 रुपये लुढ़ककर 43,100 रुपये प्रति किग्रा रह गई थी।

बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार को देखते हुए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन बेन बर्नांक के द्वारा वहां कर्ज सस्ता करने की नीति में आगे इसी वर्ष बदलाव करने के संकेत के बाद सोना ढाई वर्षों से भी अधिक के निम्नस्तर पर चला गया, जिससे कारोबारी धारणा कमजोर हुई।

इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये की विनियम दर में तेज गिरावट से आयात महंगा होने के कारण स्थानीय बाजार में सोने चांदी में गिरावट कुछ थम गई है।

डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को कारोबार के दौरान 130 पैसे टूट कर 60 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया था। बाद में स्थानीय मुद्रा थोड़ी सुधरी। विदेशी विनिमय बाजार में गुरुवार को रुपया 58.70 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक सर्राफा बाजार को प्रभावित करने वाले लंदन बाजार में सोने की कीमत 3.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,304.75 डॉलर प्रति औंस पर आ गयी। 30 सितंबर 2010 के बाद सोने की यह निम्नतम दर है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

चांदी की कीमतें 6.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 20.08 डॉलर प्रति औंस रह गई, जो 14 सितंबर 2010 के बाद का सबसे निम्न स्तर है।