खास बातें
- दिल्ली सर्राफा बाजार में वर्ष 2011 के अन्तिम सप्ताह में स्टाकिस्टों की ताबड़तोड़ बिकवाली के चलते सोना ओर चांदी में भारी नुकसान दर्ज किया गया।
दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार- चढ़ाव के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में वर्ष 2011 के अन्तिम सप्ताह में स्टाकिस्टों की ताबड़तोड़ बिकवाली के चलते सोना ओर चांदी में भारी नुकसान दर्ज किया गया। बाजार सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते फुटकर कारोबारियों और निवेशकों ने नए सौदो से परहेज किया। इससे बाजार में मंदी का माहौल बन गया।
न्यूयॉर्क में सोने के दामों में पिछले छह सत्रों के दौरान 4.7 प्रतिशत की गिरावट आई और सोना सात जुलाई के बाद सबसे निचले स्तर तक लुढ़क गया। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से वैकल्पिक निवेश के रूप में सोने की मांग कमजोर पड़ी है।
घरेलू बाजार में मांग कमजोर पड़ने के साथ-साथ शादी विवाह के मुहूर्त कम होने से भी बाजार में लिवाली कम हुई। घरेलू बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव क्रमश: 27,340 रुपये और 27,200 रुपये तक लुढ़कने के बाद सप्ताहांत में 400 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 27,640 रुपये और 27,500 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। भारी उतार-चढ़ाव के बीच गिन्नी के भाव सप्ताहांत में पूर्वस्तर 23,300 रूपये प्रति आइ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव क्रमश: 49,100 रुपये और 49,800 रुपये तक लुढ़कने के बाद सप्ताह के अंतिम लिवाली समर्थन मिलने से कुछ सुधार के बाद क्रमश: 1400 रुपये और 1960 रुपये की गिरावट के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 51,150 रुपये और 51,150 रुपये प्रति किलो बंद हुए। भारी उतार-चढ़ाव के बीच चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये ट्रट कर सप्ताहांत में 58,000: 59000 रुपये प्रति सैकंड़ा बंद हुए।