गो फर्स्ट एयरलाइंस दिवालिया होने का आवेदन कर चुकी है.
मुंबई: वित्तीय संकट में घिरी एयरलाइन गो फर्स्ट को पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियों ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से नौ अन्य विमानों का पंजीकरण खत्म करने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही अबतक कुल 45 विमानों का पंजीकरण खत्म करने और उन्हें वापस लेने की मांग डीजीसीए के पास पिछले एक हफ्ते में आ चुकी है.
डीजीसीए की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक, पट्टे पर विमान मुहैया कराने वाली कंपनियों ने गो फर्स्ट को दिए गए नौ अन्य विमानों की सूचीबद्धता खत्म करने का अनुरोध किया है.
गत दो मई को विमान परिचालन बंद करने की घोषणा करते समय गो फर्स्ट के बेड़े में कुल 55 विमान मौजूद थे.
एयरलाइन ने इंजन की आपूर्ति नहीं होने से पैदा हुए वित्तीय संकट को जिम्मेदार बताते हुए अपनी उड़ानें 12 मई तक रोक दी हैं. इसके अलावा उसने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष दिवाला समाधान प्रक्रिया की अर्जी भी लगाई है जिस पर बुधवार को फैसला आने की उम्मीद है.