भारतीय मसालों की मांग विदेशों पहले ही काफी रही है.
नई दिल्ली: भारत से चालू वित्त वर्ष में कई प्रकाश के मसालों की मांग में तेजी के रुझानों के बीच लहसुन के निर्यात में 170 प्रतिशत की वृद्धि दिखी है. अधिकारियों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत से मसालों का निर्यात चार अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कार्यरत स्पाइस बोर्ड के सचिव डी सत्यन ने बताया कि अप्रैल-अक्टूबर 2022 के दौरान पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लहसुन के निर्यात में मात्रा के हिसाब से 170 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वह 14वें विश्व मसाला सम्मेलन के आयोजन की जानकारी दे रहे थे जो 16-18 फरवरी तक मुंबई में आयोजित किया जाएगा. भारत में अधिकांश मसाला व्यापार वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान होता है.
उन्होंने कहा कि 2022-23 के दौरान, भारत से कुछ मसालों की मांग में वृद्धि हुई है जिनमें विशेष रूप से जीरा, मेथी, बिशप की घास (अजवाईन), डिल (सोआ), पोस्ता, सौंफ, सरसों और कई अन्य मसाले शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इस साल केसर की बंपर फसल हुई है. हींग, दालचीनी, तेज पत्ता, करी पाउडर जैसे मसालों से प्राप्त मूल्य वर्धित उत्पाद के बाजार में भी सकारात्मक रुझान दिख रहा है.
सत्यन ने कहा कि भारतीय मसाला उद्योग जनवरी-मार्च 2023 के दौरान मसालों के निर्यात में वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जिससे कुल निर्यात चार अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि मुंबई में आयोजित विश्व मशाला सम्मेलन मसाला निर्यात की नई संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा.
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