नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत तथा विदेशी निवेश नियमों के सरलीकरण के बीच विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय पूंजी बाजारों में लगभग एक अरब डालर (6500 करोड़ रुपये) का निवेश किया है। इससे पिछले दो महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर व ऋण बाजारों से बड़े पैमाने पर निकासी की थी।
विभिन्न डिपॉजिटरी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने जुलाई महीने में अब तक शेयर बाजारों में 4,953 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है, जबकि ऋण बाजार में यह निवेश 1,547 करोड़ रुपये रहा है। इस तरह से कुल शुद्ध निवेश 6,500 करोड़ रुपये रहा।
जून महीने में एफपीआई ने पूंजी बाजारों (ऋण व इक्विटी) से 1,600 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की, जबकि मई महीने में उन्होंने 14,272 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सरकार द्वारा संयुक्त प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) ढांचे को अनुमति दिए जाने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा ग्रीस के सांसदों द्वारा मितव्ययिता कानूनों को मंजूरी दिए जाने से भी बाजार धारणा को बल मिला।
उक्त नए निवेश के साथ एफपीआई द्वारा 2015 की शुरुआत से पूंजी बाजारों में किया गया निवेश बढ़कर 85,000 करोड़ रुपये (13.7 अरब डॉलर) हो गया है।