भारतीय औरतों की 'शर्म' जो है इस कंपनी की तरक्की का राज़...

भारतीय औरतों की 'शर्म' जो है इस कंपनी की तरक्की का राज़...

जि़वामे की संस्थापक और सीईओ ऋचा कर (रॉय)

बैंगलुरू:

भारत में महिलाओं के अंतर्वस्त्र बेचने वाली सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनी जि़वामे की बिक्री पिछले चार साल में चार गुना बढ़ गई है। इस कंपनी को मार्केट में उतरे चार साल ही हुए हैं और पिछले हफ्ते ही इसे देशी और विदेशी निवेशकों से 4 करोड़ डॉलर हासिल हुए हैं।

यह स्टार्ट अप, उन ई-रिटेलर कपंनियों में से एक है जो उस हिचकिचाहट के बूते आगे बढ़ रहीं हैं जिसका सामना भारतीय मध्यम वर्गीय परिवार की औरतें बाज़ार में अंतर्वस्त्र खरीदते वक्त करती हैं।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को ज़िवामे के एक अधिकारी ने बताया कि कपंनी अपनी बिक्री को आगे बढ़ाने के लिए अगले तीन साल में 100 फिटिंग सेलून खोलने की योजना बना रही है जहां ऑनलाइन खरीददारी करने से पहले महिला ग्राहक अपना नाप दे सकती हैं।
 

भारत में लान्श़रे बाज़ार 16 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है (रॉयटर्स)

ज़िवामे की सीईओ ऋचा कर कहती हैं ' हमने अंतर्वस्त्र को लेकर हिचकिचाहट दूर की है। हमने उन लोगों के सवाल का जवाब दिया जो सोचते हैं कि अंतर्वस्त्रों पर पैसा खर्च करना बनता है या नहीं।'

बाज़ार से बेहतर है ऑनलाइन खरीददारी

भारत के 11 हज़ार करोड़ लान्श़रे (अंतर्वस्त्र) बाज़ार में बहुत बड़ा हिस्सा मॉल और बाजारों में लगने वाली दुकानों का है जहां ज्यादातर काउंटर पर पुरुषों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में कई महिलाओं का कहना है कि वेबसाइट के ज़रिए लान्श़रे खरीदने में वह ज्यादा सहज महसूस करती हैं, साथ ही ऑनलाइन कंपनियों में ज्यादा वैरायटी और कम दामों पर खरीददारी हो पाती है।

सलाहकार कंपनी टैक्नोपाक के मुताबिक सीमित बेस के साथ ही सही इस तरह की खरीददारी से ऑनलाइन लान्श़रे बाज़ार हर साल करीब 70 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

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फिलहाल ज़िवामे की कीमत 10 करोड़ डॉलर है और भारत में 'प्रेटी सीक्रेट्स' और 'क्लोवी' नाम की कंपनियां भी ऑनलाइन बाज़ार में मौजूद हैं।