खास बातें
- इसके बाद, केंद्र सरकार ने इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की योजना बनाई है, जो 22 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंगलवार को मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद केंद्र सरकार ने इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की योजना बनाई है, जो 22 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केवी थॉमस ने कहा, "मंत्रिमंडल में विधेयक के मसौदे पर मंगलवार को विचार होगा।" विधेयक के मसौदे को सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की स्वीकृति प्राप्त है। इसमें 75 प्रतिशत ग्रामीण आबादी एवं 50 प्रतिशत शहरी परिवारों को शामिल करने की बात कही गई है। इसके तहत हर महीने प्रत्येक व्यक्ति को रियायती दरों पर सात किलोग्राम खाद्यान्न पाने का अधिकार होगा। चावल तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से और गेहूं दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा। साथ ही एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मोटा अनाज दिया जाएगा। थॉमस ने कहा, "हमने प्रक्रिया तेज कर दी है और विधेयक इसी सत्र में पेश किया जाएगा।" सूत्रों के अनुसार केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस बारे में सम्बंधित मंत्रालयों के विचार मंगाए हैं और विधेयक के मसौदे को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान किया है।