3डी प्रिंटिंग तकनीक से बनकर तैयार हुआ पहला डाकघर, अश्विनी वैष्णव ने किया उद्घाटन

डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के कैम्ब्रिज लेआउट में 1,021 वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित डाकघर के उद्घाटन के बाद वहां कामकाज शुरू हो जाएगा.

3डी प्रिंटिंग तकनीक से बनकर तैयार हुआ पहला डाकघर, अश्विनी वैष्णव ने किया उद्घाटन

3डी पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन बेंगलुरु में किया गया.

बेंगलुरु:

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बेंगलुरू में 3डी प्रिंटिंग तकनीक से निर्मित भारत के पहले डाकघर का उद्घाटन किया. डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के कैम्ब्रिज लेआउट में 1,021 वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित डाकघर के उद्घाटन के बाद वहां कामकाज शुरू हो जाएगा.

डाक अधिकारियों के अनुसार, इस डाकघर का निर्माण लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड ने किया है जबकि आईआईटी मद्रास ने इसके लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया.

उद्घाटन के बाद वैष्णव ने कहा, “विकास की भावना, अपनी तकनीक विकसित करने की भावना, कुछ ऐसा करने की भावना जिसे पहले के समय में असंभव माना जाता था- यही इस समय की परिभाषित विशेषता है.”

डाकघर की संपूर्ण निर्माण गतिविधि 45 दिन में पूरी की गई. पारंपरिक तरीके से इसे बनाने में लगभग छह से आठ महीने लग जाते. लागत और समय की बचत 3डी-कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक को पारंपरिक भवन निर्माण प्रणाली का एक व्यवहार्य विकल्प बनाती है.

क्या होती ही 3D printing

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बता दें कि 3D printing या additive manufacturing एक ऐसी प्रक्रिया होती है. जिसमें एक डिजिटल फाइल से थ्री डाइमेंशनल सॉलिड ऑबजेक्ट को बनाया जाता है. गौरतलब है कि 3D प्रिंटेड ऑबजेक्ट को बनाने के लिए एडिटिव प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है. इस एडिटिव प्रोसेस में एक ऑबजेक्ट को क्रिएड करने के लिए मैटेरियल को एक के बाद एक परतों में एक के ऊपर एक रखा जाता है जब तक की वो ऑबजेक्ट बनकर तैयार न हो जाये. इसमें हर परत को देखा जा सकता है. यह एक पतली से लाइन के रूप में देखी जा सकती है.