सरकार ने वर्ष 2019-20 में भी इन जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में 2,500 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई थी.
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) घाटे में चल रहीं सार्वजनिक क्षेत्र की तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों (General Insurance Companies) में चालू वित्त वर्ष में 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालने की योजना पर काम कर रहा है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. आपको बता दें कि सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में भी तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी. जिसमें कोलकाता-बेस्ड नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (National Insurance Company Limited) को सर्वाधिक 3,700 करोड़ रुपये दिए गए थे जबकि दिल्ली-बेस्ड ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (Oriental Insurance Company Limited) को 1,200 करोड़ रुपये और चेन्नई-बेस्ड यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (United India Insurance Company) को 100 करोड़ रुपये मिले थे.
सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने इन कंपनियों को अपना सॉल्वेंसी रेश्यो (Solvency Ratio) बेहतर करने और 150 प्रतिशत की रेगुलेटरी कंडीशन पूरा करने को कहा है. बता दें कि सॉल्वेंसी रेश्यो किसी संस्थान की वित्तीय स्थिति (Financial Stability) को दिखाता है. यह एक पैमाना है जिससे पता चलता है कि कोई वित्तीय संस्थान क्लेम पेमेंट करने की स्थिति में है या नहीं.
हालांकि, न्यू इंडिया एश्योरेंस को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का सॉल्वेंसी रेश्यो 150 प्रतिशत की रेगुलेटरी कंडीशन से काफी कम रही है. वित्त वर्ष 2021-22 में नेशनल इंश्योरेंस का सॉल्वेंसी रेश्यो 63 प्रतिशत, ओरिएंटल इंश्योरेंस का 15 प्रतिशत और यूनाइटेड इंडिया का 51 प्रतिशत था.
इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि इन सभी बीमा कंपनियों को प्रॉफिटिबिलटी ग्रोथ की राह पर चलने के लिए कहा गया था. उनके प्रदर्शन पर ही निर्भर करेगा कि सरकार से मिलने वाली अतिरिक्त पूंजी में उनकी हिस्सेदारी कितनी होगी.
इसके पहले वर्ष 2019-20 में भी सरकार ने इन जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में 2,500 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई थी. जबकि वर्ष 2020-21 में भी सरकार ने इन कंपनियों में 9,950 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी.