यह ख़बर 24 नवंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

रिटेल में 51% विदेशी निवेश को मिली मंजूरी

खास बातें

  • केन्द्र ने आज वॉलमार्ट जैसी बड़ी कंपनियों को खुदरा बाजार में कारोबार करने की इजाजत देने के लिए इस क्षेत्र में विदेशी निवेश को हरी झंडी दे दी है।
New Delhi:

केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए देश में विदेशी रिटेल स्टोर्स के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। कैबिनेट इस क्षेत्र में सीधे विदेशी निवेश को हरी झंडी दिखा दी है। केन्द्र वॉलमार्ट जैसी बड़ी कंपनियों को खुदरा बाजार में कारोबार की इजाजत देने के लिए इस क्षेत्र में विदेशी निवेश को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने कैबिनेट की बैठक में रिटेल मल्टीब्रांड में 51 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी। अब विदेशी कंपनियां 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में अपने मल्टीब्रांड स्टोर खोल सकेंगी। इसके अलावा सरकार सिंगल ब्रांड में विदेशी निवेश को 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी करने की भी तैयारी कर रही है। सरकार ने 2006 में सिंगल ब्रांड में 51 फीसदी एफडीआई की इजाजत दी थी। सूत्रों के मुताबिक रिटेल मल्टीब्रांड में 10 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाली कंपनियों को ही इजाजत दी जाएगी। इसमें से 50 फीसदी रकम कंपनियों को बुनियादी सुविधाओं पर खर्च करनी होगी हालांकि शुरू से ही रिटेल में विदेशी निवेश का विरोध हो रहा है लेकिन सरकार ने इसे दरकिनार करते हुए आगे बढ़ने का मन बना लिया है। इस फैसले से फ्यूचर ग्रुप, टाटा ग्रुप और रिलायंस जैसी देसी कंपनियों को विदेशी कंपनियों की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।


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