नई दिल्ली: यूरोप में मुद्रास्फीति में एक बार फिर जून में गिरावट आई है. हालांकि यह गिरावट इतना पर्याप्त नहीं है, जिससे खरीदारों को राहत देने या अधिक ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोका जा सके.यूरोपीय संघ (ईयू) सांख्यिकी एजेंसी यूरोस्टेट ने शुक्रवार को कहा कि वार्षिक दर 20 देशों में मई के 6.1 प्रतिशत से घटकर जून में 5.5 प्रतिशत पर आ गई है.
हालांकि, यह अक्टूबर के 10.6 प्रतिशत की तुलना में काफी नीचे आ गयी है, लेकिन अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन में लगातार ऊंची कीमतों ने दुनिया के कुछ शीर्ष केंद्रीय बैंकों को यह स्पष्ट करने के लिए प्रेरित किया है कि वे दरें बढ़ाना जारी रखेंगे और उन्हें तब तक वहीं छोड़ देंगे, जब तक मुद्रास्फीति अपने दो प्रतिशत के लक्ष्य तक नहीं आ जाती. महंगाई के इस स्तर को अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा माना जाता है.
उपभोक्ताओं को ऊर्जा कीमत के स्तर पर राहत मिली है, जिनमें पिछले साल के संकट के बाद 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई है. वहीं खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 11.7 प्रतिशत पर रही जबकि मई में 12.5 प्रतिशत थी.
मुख्य मुद्रास्फीति एक महीने पहले के 5.3 प्रतिशत से थोड़ा बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गई. इसमें उतार-चढ़ाव वाले खाद्य और ईंधन की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है और यह दीर्घकालिक मूल्य दबावों की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)