खास बातें
- आईएमएफ ने कहा है कि यूरो मुद्रा वाले देशों को ऋण संकट को रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी के असर से उबरने में क्षेत्र की स्थितियां और वित्तीय कमजोरी बाधा पैदा कर रही है।
वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि यूरो मुद्रा वाले देशों को ऋण संकट को रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी के असर से उबरने में क्षेत्र की स्थितियां और वित्तीय कमजोरी बाधा पैदा कर रही है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक वैश्विक आर्थिक सम्भावनाओं एवं नीति परिवर्तन पर तैयार एक आधार पत्र में आईएमएफ ने गुरुवार को कहा, "यूरो क्षेत्र के देशों को हाल के उपायों पर अवश्य आगे बढ़ना चाहिए और इस संकट का सफलतापूर्वक समाधान हासिल करने के लिए कई मोर्चो पर निर्णयात्मक ढंग से काम करना चाहिए।"
ज्ञात हो कि इस आधार पत्र को मेक्सिको शहर में पिछले सप्ताहांत संपन्न जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक के लिए तैयार किया गया था।
पत्र के मुताबिक मांग में गिरावट से बचने के लिए राजकोषीय समेकन की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए और वैश्विक वित्तीय सहायता कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाले यूरो देशों को समेकन प्रयासों पर बनी सहमति पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए।