यह ख़बर 08 मार्च, 2013 को प्रकाशित हुई थी

मुद्रा का तेज अवमूल्यन नहीं करें : चीन

खास बातें

  • चीन ने दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को शुक्रवार को चेतावनी दी कि वे अपनी मौद्रिक नीति के दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर को समझें और अपनी मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन नहीं करें।
बीजिंग:

चीन ने दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को शुक्रवार को चेतावनी दी कि वे अपनी मौद्रिक नीति के दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर को समझें और अपनी मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन नहीं करें।

वाणिज्य मंत्री चेन डेमिंग ने संसद के सलाना सत्र के इतर मौके पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जापानी येन, अमेरिका की मुद्रा डॉलर अथवा यूरो में किसी भी बड़े अवमूल्यन का मतलब है चीन और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए संकट।"

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक चेन ने कहा कि कई देशों ने अपनी घरेलू जरूरतों के अनुरूप क्वोंटिटेटिव ईजिंग का रास्ता अपनाया है।

चेन ने कहा, "लेकिन इस नीति का असर दूसरे देशों पर नहीं पड़ना चाहिए।"

चेन के बयान से मुद्रा युद्ध की सम्भावना पर चीन की चिंता का पता चलता है। मुद्रा युद्ध में विभिन्न देश अपनी मुद्राओं का अवमूल्यन कर देश में आर्थिक तेजी लाने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रमुख देशों के मुद्रा नीति निर्माताओं को पिछले महीने प्रतिस्पर्धी मुद्रा अवमूल्यन से बचाव के लिए हुई जी-20 बैठक में बनी सहमति का पालन करना चाहिए।

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जी-20 देशों ने बैठक में वादा किया था कि वे मुद्रा युद्ध में शामिल नहीं होंगे और मुद्रा नीति का उपयोग सिर्फ घरेलू अर्थव्यवस्था के एक औजार के तौर पर ही किया जाएगा।