डिजिटल लेन-देन में धोखाधड़ी के संख्या बढ़ी, बैंक कर्मचारी संघ ने RBI को दिए यह सुझाव

एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार डिजिटल लेन-देन बढ़ाने पर जोर दे रही है.

डिजिटल लेन-देन में धोखाधड़ी के संख्या बढ़ी, बैंक कर्मचारी संघ ने RBI को दिए यह सुझाव

डिजिटल पेमेंट.

खास बातें

  • नोटबंदी के बाद देश में बढ़ा डिजिटल पेमेंट का चलन
  • इसी के साथ डिजिटल फ्रॉड के मामले सामने आए
  • अभी तक ठोस सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं.
चेन्नई:

डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ बैंकिंग उद्योग के कर्मचारी संघ ने रिजर्व बैंक से उपभोक्ताओं को अनधिकृत लेन-देन से सुरक्षित रखने की प्रणाली लाने का आग्रह किया है. अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने इस संबंध में रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा है. एआईबीईए में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं.

एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने आरोप लगाया है कि एक तरफ केन्द्र सरकार डिजिटल लेन-देन बढ़ाने पर जोर दे रही है जबकि दूसरी तरफ बैंकों के पास इस तरह के डिजिटल लेन-देन में ग्राहकों को सुरक्षा देने की वैश्विक प्रणालियां उपलब्ध नहीं हैं.

संगठन ने हाल ही में सौंपे इस ज्ञापन में कहा है, ‘‘हमें लगता है कि नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान में हो रही वृद्धि को देखते हुये यह जरूरी है कि ग्राहकों को अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन से बचाने के लिये प्रणाली होनी चाहिये.’’

वेकंटचलम ने कहा कि केन्द्रीय बैंक की तरफ से धोखाधड़ी वाले लेनदेन अथवा अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन के मामले में एक मास्टर सर्कुलर जारी किया जाना चाहिये. इससे ग्राहकों को धोखाधड़ी वाले लेनदेन से बचाने में काफी फायदा होगा.

वेंकटचलम ने बैंक खाता नंबरों को एक बैंक से दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने की सुविधा शुरू किये जाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रयोग दूरसंचार क्षेत्र में सफल रह है इसलिये बैंकिंग उद्योग में भी इसे शुरू किया जा सकता है.


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