नई दिल्ली:
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में विद्युत वितरण के काम से जुड़ीं तीन बिजली कंपनियों के बही-खातों की नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने हालांकि कहा, सीएजी मामले की अगली सुनवाई तक अपनी रपट जमा नहीं करेंगे। उन्होंने मामले की सुनवाई 19 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।
कोर्ट ने बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल याचिका पर जवाब देने के लिए दिल्ली सरकार और सीएजी को नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर ऑडिट का आदेश दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी में टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड, बीएसईएस राजधानी और बीएसईएस यमुना उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करती हैं। इन कंपनियों ने अपनी वित्तीय स्थिति की जांच करने के सीएजी के अधिकार को चुनौती दी है।