RBI के गवर्नर बोले, देश का चालू खाते का घाटा (CAD) आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है.
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी छमाही में चालू खाते का घाटा (CAD) पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) की तुलना में कम रहेगा. पहली छमाही में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3.3 प्रतिशत रहा है. उन्होंने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की आखिरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा (MPC) बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि आयात घटने से दूसरी छमाही में कैड नीचे आएगा. चालू खाते का घाटा पहली छमाही में जीडीपी का 3.3 प्रतिशत रहा है, जो इससे एक साल पहले की समान अवधि के 0.2 प्रतिशत से काफी अधिक है. शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘चालू खाते का घाटा दूसरी छमाही में नीचे आएगा और इसे आसानी से प्रबंधित किया जा सकेगा.''
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘2022-23 की तीसरी तिमाही में स्थिति सुधरी है. कमोडिटी के दाम घटने से आयात नीचे आया है. इससे वस्तुओं का व्यापार घाटा कम हुआ है.'' दास ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सेवाओं का निर्यात 24.9 प्रतिशत बढ़ा है. सॉफ्टवेयर, कारोबारी और यात्रा सेवाओं में वृद्धि से कुल सेवा निर्यात बढ़ा है. 2023 में वैश्विक स्तर पर सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाओं पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है.
इसके अलावा भारतीयों द्वारा विदेशों से भेजा जाने वाला धन (रेमिटेंस) चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 26 प्रतिशत बढ़ा है. यह विश्व बैंक के अनुमान का दोगुना है. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह अप्रैल-दिसंबर के दौरान देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का इनफ्लो 22.3 अरब डॉलर पर मजबूत रहा है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 24.8 अरब डॉलर रहा था. गवर्नर ने कहा कि जुलाई से छह फरवरी तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का प्रवाह सुधरकर 8.5 अरब डॉलर रहा है.
इसके अलावा गवर्नर ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) के मोर्चे पर भी स्थिति सुधरी है. 21 अक्टूबर, 2022 को विदेशी मुद्रा भंडार 524.5 अरब डॉलर था, जो 27 जनवरी, 2023 तक बढ़कर 576.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया. उन्होंने कहा कि देश का एक्सटर्नल डेब्ट रेशियो इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से नीचे है. देश का एक्सटर्नल डेब्ट /जीडीपी अनुपात मार्च, 2022 के 19.9 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 19.2 प्रतिशत रह गया.