खास बातें
- महंगे इलाज के चलते लोगों के कर्ज के बोझ तले दबने के मामलों के मद्देनजर फिक्की ने कहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जाए।
New Delhi: चिकित्सा खर्च के चलते बड़ी संख्या में लोगों के कर्ज के बोझ तले दबने के मामलों के मद्देनजर उद्योग मंडल फिक्की ने कहा है कि ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल कुल आबादी में केवल 15 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य बीमा के दायरे में हैं। उद्योग मंडल ने कहा कि सभी वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हासिल करना महत्वपूर्ण है। फिक्की ने कहा कि देश में आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना दीर्घकालिक लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए 2020 तक कम से कम 50 प्रतिशत तथा 2030 तक 80 प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के कारण हर साल देश की 65 प्रतिशत गरीब लोग कर्ज में तथा एक प्रतिशत गरीबी रेखा के नीचे आ जाते हैं। यह भी अनुमान जताया गया है कि 2025 तक 18.9 करोड़ लोगों की उम्र 60 साल या उससे अधिक होगी।