एक महीने में करीब दो फीसदी बढ़ी ग्रामीण भारत में बेरोजगारी, CMIE का ताजा रिपोर्ट

भारत में बेरोजगारी दर पर सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश में समग्र बेरोजगारी दर मई, 2022 में 7.12% से बढ़कर जून, 2022 में 7.80% हो गई है.

नई दिल्ली :

भारत में बेरोजगारी दर पर सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश में समग्र बेरोजगारी दर मई, 2022 में 7.12% से बढ़कर जून, 2022 में 7.80% हो गई है.

सीएमआईई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रोजगार के अवसरों में सबसे ज्यादा गिरावट ग्रामीण इलाकों में दर्ज की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण भारत में बेरोजगारी दर मई, 2022 में 6.62% से बढ़कर जून, 2022 में 8.03% हो गई.

लेकिन सीएमआईई की रिपोर्ट में शहरी भारत को लेकर अच्छी खबर है. सीएमआईई के मुताबिक, बेरोजगारी दर पिछले महीने मई, 2022 में 8.21% से घटकर जून, 2022 में 7.30% हो गई.

सीएमआईई के प्रबंध निदेशक और सीईओ महेश व्यास के मुताबिक मई 2022 के मुक़ाबले जून 2022 में रोज़गार के अवसर करीब 1 करोड़ 30 लाख तक घट गए. अप्रैल और मई में रोज़गार के अवसर में 80 लाख तक की बढ़ोतरी हुई थी लेकिन जून में रोज़गार घटने से रोज़गार का संकट बड़ा हो गया है. CMIE के आकलन के मुताबिक पिछले एक साल में जुलाई 2021 के बाद जून 2022 में रोज़गार के अवसर सबसे निचले स्तर पर हैं.   

अर्थशास्त्री डा. नित्यानंद कहते हैं,”जून में ग्रामीण भारत में रोज़गार में गिरावट सीज़नल कारणों से है. लेकिन जून 2019 के मुकाबले जून 2022 में बेरोज़गारी ज्यादा है जो यह दिखाता है कि कोरोना का असर अब भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जारी है.”   

कौंसिल ऑफ़ सोशल डेवलपमेंट के निदेशक डॉ. नित्यानन्द ने NDTV से इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा,”कृषि क्षेत्र में बेरोजगारी में बढ़ोतरी सीजनल फैक्टर्स की वजह से है. इस समय खरीफ सीजन की बुवाई शुरू हो रही है और इस वक्त हर साल अनइंप्लॉयमेंट कुछ बढ़ता है... मेरी नजर में जून 2019 के मुकाबले जून 2022 में अनइंप्लॉयमेंट रेट ज्यादा है जो चिंता की बात है...मेरी नजर में कोविड-19 के असर से हम पूरी तरह बाहर अभी तक नहीं आ पाए हैं".

ज़ाहिर है, रोज़गार की चुनौती बड़ी हो रही है.

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इससे पहले अप्रैल महीने में भी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने रोजगार के लोकर आंकड़े जारी किए थे. CMIE के मुताबिक, महामारी की शुरुआत के बाद से अप्रैल महीने  में 8.8 मिलियन लोगों ने नौकरी हासिल की. हालांकि जो नौकरियां उपलब्ध हुईं, वे मांग की तुलना में काफी अपर्याप्त थीं. सीएमआईई के प्रबंध निदेशक और सीईओ महेश व्यास ने कहा था कि अप्रैल में भारत की श्रम शक्ति 8.8 मिलियन से बढ़कर 437.2 मिलियन हो गई, जो महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी मासिक वृद्धि है.