खास बातें
- केयर्न-वेदांता सौदे का फैसला करने के लिए बने मंत्री समूह कंपनी मामलात मंत्री मुरली देवड़ा को शामिल नहीं किया गया है।
New Delhi: केयर्न-वेदांता सौदे का फैसला करने के लिए बने मंत्री समूह कंपनी मामलात मंत्री मुरली देवड़ा को शामिल नहीं किया गया है। लंदन की वेदांता रिसोर्सेज ने केयर्न इंडिया की बहुलांश हिस्सेदारी 9.6 अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने बताया कि 13 अप्रैल को अधिसूचित इस समूह में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा इसमें विधि मंत्री एम वीरप्पा मोइली, पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया तथा दूरसंचार सचिव कपिल सिब्बल को शामिल किया गया है। लेकिन पूर्व पेट्रोलियम मंत्री देवड़ा को इसमें शामिल नहीं किया गया है। देवड़ा का मंत्रालय ही इस समय विलय एवं अधिग्रहण सौदों पर निगाह रखता है। सूत्रों ने कहा कि मंत्री समूह की बैठक शीघ्र होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सौदे के जटिल कानून पक्षों को देखते हुए ही शायद सिब्बल को लिया गया है। उन्होंने कहा कि देवड़ा चाहते थे कि सौदे को मंजूरी देने से पहले ओएनजीसी की चिंताओं को दूर किया जा सके। उल्लेखनीय है कि इस सौदे को लेकर मतभेदों के चलते आर्थिक मामलों की मंत्रीमंडलीय समिति (सीसीईए) ने छह अप्रैल को इसे मंत्री समूह को भेज दिया। केयर्न एनर्जी से रायल्टी की वसूली सहित अनेक मुद्दे इस सौदे की राह में आड़े आ रहे हैं।